इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के पवित्र रौज़े पर फूलों की बारिश
ईरान के पवित्र शहर क़ुम में हज़रते फ़ातेमा मासूमा (स) के शुभ जन्म दिवस से आरंभ हुए विशेष दस दिन, जो इमाम रज़ा के शुभ जन्म दिवस तक रहेंगे, पहले ही दिन पवित्र शहर मशहद और क़ुम में फूलों की बारिश हुई।
इस्लामी महीना ज़ीकाद की पहली तारीख़ से लेकर इसी महीने की 11 तारीख़ तक इस्लामी गणतंत्र ईरान में, इन दस दिनों को विशेष महत्व दिया जाता है। इस महीने की 11 तारीख़ को पैग़म्बरे इस्लाम (स) के पौत्र और शिया मुसलमानों के आठवें इमाम हज़रत इमाम अली रज़ा अलैहिस्सलाम और पहली तारीख़ को उनकी बहन हज़रते फ़ातेमा मासूमा (स) का शुभ जन्म दिवस बड़े ही हर्षोल्लास से उत्सव के रूप में मनाए जाते हैं।
इन दस दिनों में जहां पवित्र नगर क़ुम और मशहद में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है वहीं पूरे देश में जश्न और सेमिनारों का भी आयोजन होता है। रविवार को ज़ीक़ाद महीने की पहली तारीख़ थी, हज़ारों की संख्या में पवित्र नगर क़ुम और और मशहद में श्रद्धालु अपने हाथों में फूल लेकर इमाम रज़ा (अ) और उनकी बहन के रौज़े में उपस्थित हुए। पवित्र नगर क़ुम में हज़ारों की संख्या में महिलाएं और लड़कियां हज़रते फ़ातेमा मासूमा के रौज़े पर पहुंचीं, जिनके हाथों में फूल और गुलदस्ता था, हज़रते मासूमा (स) को उनके शुभ जन्मदिन पर बधाई दी।

दूसरी ओर पवित्र शहर मशहद पूरी तरह रोशनी से जगमगा रहा है पूरे शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया है, अभी से लाखों की संख्या में श्रद्धालु इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के शुभ जन्मदिन के अवस पर मशहद पहुंच चुके हैं। रविवार की सुबह से लोग हाथों में फूल लेकर इमाम रज़ा के रौज़े पर एकत्रित हैं। इस बीच ईरान सरकार की ओर से रविवार की सुबह से ही इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के रौज़े पर हेलिकॉप्टरों से फूलों की बारिश की जा रही है। इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के रौज़े के एक अधिकारी ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या हमेशा से अधिक है और ज़ीक़ाद महीने की 11 तारीख़, जिस दिन इमाम रज़ा का शुभ जन्मदिवस है उस दिन तक तो रेकॉर्ड श्रद्धालुओं के पवित्र शहर मशहद पहुंचने का अभी से अनुमान लगाया जा रहा है। आसताने रज़वी की ओर से सभी श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। (RZ)