अमरीका दुनिया में अलग थलग पड़ता जा रहा है
परमाणु समझौते को बाक़ी रखने के बारे में अमरीकी धमकियों के बावजूद, यूरोपीय संघ ने इस समझौते को बाक़ी रखने और ईरान के ख़िलाफ़ अमरीका के नए प्रतिबंधों का समाधान निकालने के लिए एक योजना तैयार कर ली है।
यूरोपीय संघ ने एक अवरोधक क़ानून को सक्रिय किया है। इस क़ानून के तहत यूरोपीय कंपनियों को ईरान पर अमरीकी प्रतिबंधों के दायरे में आने से सुरक्षित रखा जाएगा।
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख फ़ेडरिका मोगरिनी का कहना है कि 1996 के अवरोधक क़ानून को अपडेट किया गया है, ताकि किसी तीसरे पक्ष द्वारा अपनाए गए क़ानूनके प्रभाव से यूरोपीय संस्थाओं को बचाया जा सके।
ग़ौरतलब है कि मई में अमरीका के परमाणु समझौते से निकलने के बाद से ईरान और यूरोपीय देशों के बीच इस समझौते को बचाने के लिए विचार विमर्श चल रहा है। यूरोपीय देशों ने एलान किया है कि वे इस समझौते में बने रहेंगे और इसके तहत किए गए अपने वादों को पूरा करेंगे।
इस संदर्भ में मोगरिनी का कहना है कि यूरोपीय संघ परमाणु समझौते के अंतर्गत ईरानी हितों की रक्षा के लिए प्रयास कर रहा है।
यूरोपीय संघ परमाणु समझौते को बचाने के लिए ऐसी स्थिति में प्रयास कर रहा है कि वाशिंगटन ने ईरान के ख़िलाफ़ कड़े प्रतिबंध लगाने और ईरान से व्यापार करने वाली कंपनियों को निशाना बनाने की धमकियों में वृद्धि कर दी है। ऐसी स्थिति में ईरान अमरीकी धमकियों के मुक़ाबले में डटा हुआ तो दूसरी ओर यूरोपीय संघ और अमरीका के बीच मतभेद बढ़ते जा रहे हैं, जिसके कारण यूरोपीय अधिकारी परमाणु समझौते को बचाने पर पहले से कहीं अधिक बल दे रहे हैं।
यूरोपीय संघ, चीन और रूस के अमरीका के सामने डट जाने से यह स्पष्ट है कि अमरीकी धमकियों का रंग फीका पड़ जाएगा और ख़ुद अमरीका अलग थलग पड़ जाएगा।