जेसीपीओए, यूरोप की व्यवहारिक कार्यवाहियों पर निर्भर
https://parstoday.ir/hi/news/iran-i66374-जेसीपीओए_यूरोप_की_व्यवहारिक_कार्यवाहियों_पर_निर्भर
विदेश मंत्री ने कहा है कि जेसीपीओए के बारे में यूरोप वालों की ओर से राजनैतिक कटिबद्धता के साथ ही अब व्यवहारिक क़दमों का प्रदर्शन भी होना चाहिए।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Jul १९, २०१८ १६:५० Asia/Kolkata

विदेश मंत्री ने कहा है कि जेसीपीओए के बारे में यूरोप वालों की ओर से राजनैतिक कटिबद्धता के साथ ही अब व्यवहारिक क़दमों का प्रदर्शन भी होना चाहिए।

मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने यूरो न्यूज़ से बात करते हुए कहा कि यूरोप की ओर से बयानों का सिलसिला बहुत हो चुका, अब ईरान को इस बात की ज़रूरत है कि यूरोप बैंकिंग, पूंजी निवेश, ऊर्जा और परिवहन जैसे क्षेत्रों में व्यवहारिक क़दम उठाए। हालिया दिनों में यूरोपीय देशों ने परमाणु समझौते को बाक़ी रखने के लिए गतिविधियां तेज़ कर दी हैं जबकि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने यूरोपीय देशों को धमकी दी है कि अगर उन्होंने ईरान से सहयोग किया तो उन्हें प्रतिबंध और दंड का सामना करना पड़ेगा। यह स्थिति जेसीपीओए को सुरक्षित रखने के लिए यूरोप द्वारा किए गए वादों के पूरा होने पर संशय पैदा करती है। यूरोप ने जो वादे किए हैं वे जेसीपीओए का अभिन्न अंग हैं और अगर इन्हें पूरा नहीं किया जाता तो फिर ईरान की नज़र में परमाणु समझौते में बने रहने की कोई वजह नहीं है।

 

आर्थिक सुरक्षा की गारंटी और जेसीपीओए के आर्थिक लाभों से संपन्न होना, इस्लामी गणतंत्र ईरान का स्पष्ट अधिकार और जेसीपीएओ में बने रहने के लिए उसकी मूल शर्त है। यूरोपीय देश जितने भी प्रयास कर रहे हैं उनके माध्यम से इस महत्वपूर्ण बात को व्यवहारिक होना चाहिए ताकि एक स्वीकार्य गारंटी के अंतर्गत एक निर्धारित परिप्रेक्ष्य में ईरान व यूरोप जेसीपीओए को आगे बढ़ाने के लिए सहोग कर सकें। यह द्विपक्षीय मार्ग यूरोप के भी हित में है, इस लिए कि तेहरान में आॅस्ट्रिया के राजदूत स्टीफ़न शूल्ज़ के शब्दों में यूरोपीय संघ आर्थिक चैनलों को खोलने के प्रयास में है क्योंकि ईरान को निर्यात बंद होने से उसे अब तक दस अरब डाॅलर का नुक़सान हो चुका है। (HN)