ईरान तनिक भी अमरीका पर भरोसा नहीं करताः राष्ट्रपति
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी का कहना है कि ईरान, अमरीका पर तनिक भी भरोसा नहीं करता और यूरोप, चीन तथा कनाडा भी अब अमरीका पर विश्वास नहीं करते।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने मंगलवार को रक्षा उद्योग दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि अमरीकी कांग्रेस के सदस्यों ने एेसा क़ानून पास किया है जिसमें कहा गया है कि ईरान के साथ युद्ध नहीं किया जाएगा, चूंकि उन्हें ईरान की शक्ति और क्षमता पता है और उन्हें यह भी ज्ञात है कि ईरान पर हमला, कितना हानिकारक होगा।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने यह बयान करते हुए कि सशस्त्र सेना की तैयारी इस सीमा तक होनी चाहिए कि दुश्मन में हमले का साहस पैदा न हो, कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान के समस्त प्रयास और ख़र्चे, भारी ख़र्चे वाले हमलों और थोपी गयी जंग को रोकने के लिए रक्षा क्षमता को बढ़ाने पर केन्द्रित है।
राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि ईरानी राष्ट्र हमेशा से शांतिपूर्ण और एक दूसरे के साथ मेल जोल से जीवन व्यतीत करने के प्रयास में रहा है और प्रतिरक्षा तैयारी, स्थाई शांतिप्रेम के अर्थ में है।
श्री हसन रूहानी ने बल दिया कि पर्याप रक्षा शक्ति और तैयारी का न होना, अर्थात युद्ध में कूदना और हमले के लिए दुश्मनों को हरी झंडी दिखाना है। उन्होंने क्षेत्र में हालिया वर्षों में आतंकवाद के विस्तार की ओर संकेत करते हुए कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान स्वेच्छा से क्षेत्रीय राष्ट्रों की सहायता के कूद पड़ा और उसने क्षेत्र में आतंकवाद के सफ़ाए में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने यह बयान करते हुए कि ईरान के कुछ पड़ोसी देश विदित रूप से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास में हैं, कहा कि वह जितना संभव है उतने मंहगे हथियार ख़रीदते हैं किन्तु हथियारों के प्रयोग के लिए वह विक्रेताओं की मांगों और उनके आगे झुकने पर मजबूर हैं।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने देश की सशस्त्र सेना की विशेषता उसका भारी जनाधार बताया और कहा कि हर देश की सेना और राष्ट्र के बीच मज़बूत संबंध, अटूट होने चाहिए।
ज्ञात रहे कि 22 अगस्त को ईरान में रक्षा उद्योग दिवस मनाया जाता है। (AK)