विदेशमंत्री ने तुर्क अधिकारियों से विचार- विमर्श किया
https://parstoday.ir/hi/news/iran-i67689-विदेशमंत्री_ने_तुर्क_अधिकारियों_से_विचार_विमर्श_किया
सीरियाई सेना की बढ़त को रोकने के लिए अमेरिका की अगुवाई में ब्रिटेन और फ्रांस रासायनिक हमलों का बहाना बना कर सीरिया पर मिसाइलों से हमला करते हैं। अभी अप्रैल 2018 में अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने सीरिया पर जो मिसाइल हमला किया था उसे इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Aug ३०, २०१८ १७:४९ Asia/Kolkata

सीरियाई सेना की बढ़त को रोकने के लिए अमेरिका की अगुवाई में ब्रिटेन और फ्रांस रासायनिक हमलों का बहाना बना कर सीरिया पर मिसाइलों से हमला करते हैं। अभी अप्रैल 2018 में अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने सीरिया पर जो मिसाइल हमला किया था उसे इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है।

ईरान के विदेशमंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ बुधवार की रात को तुर्की गये जहां उन्होंने इस देश के विदेशमंत्री मौलूद चाऊश ओग़लू और राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोग़ान से सीरिया के परिवर्तनों के बारे में विचार -विमर्श किया। विदेशमंत्री ने अंकारा में होने वाले विचार- विमर्श को लाभदायक बताया।

ईरान, रूस और तुर्की सीरिया संकट के समाधान के संबंध में होने वाले प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और इस समय जब सीरिया में आतंकवादियों के खिलाफ हो रही लड़ाई समाप्ति के निकट है तो इन देशों के मध्य विचार- विमर्श अधिक हो गया है।

सीरिया के उत्तर में स्थित एदलिब नगर की स्वतंत्रता के लिए आरंभ होने वाली कार्यवाही के अवसर अमेरिका की अगुवाई में पश्चिमी देश अपनी घिसी- पिटी शैली को दोहराने की चेष्टा में हैं।

याद रहे कि एदलिब सीरिया में आतंकवादियों का अंतिम गढ़ है। प्रचारिक स्रोतों विशेषकर रूसियों ने बल देकर कहा है कि सीरिया के संबंध में अमेरिका और कुछ यूरोपीय देशों की गतिविधियां युद्ध की सूचक हैं।

सीरिया में होने वाली लड़ाई जब भी इस देश की सेना के पक्ष में होती है और सीरियाई सेना काफी बढ़त हासिल कर लेती है तो उसकी बढ़त को रोकने के लिए अमेरिका की अगुवाई में ब्रिटेन और फ्रांस रासायनिक हमलों का बहाना बना कर सीरिया पर मिसाइलों से हमला करते हैं।

अभी अप्रैल 2018 में अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने सीरिया पर जो मिसाइल हमला किया था उसे इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है। राष्ट्रसंघ मानवाधिकार परिषद के जांच आयोग के सदस्य कार्ल डेल पॉन्ट ने कहा है कि सीरिया के ख़ान असल क्षेत्र में आतंकवादियों और विद्रोहियों ने सारिन गैस का प्रयोग किया था।

अमेरिका और उसके घटकों से संबंधित संचार माध्यमों ने इस समय एक बार फिर सीरिया पर आरोप मढ़ना आरंभ कर दिया है और इस प्रकार की परिस्थिति में ईरान, रूस और तुर्की के मध्य होने वाला विचार- विमर्श काफी महत्वपूर्ण है। सीरिया के विरुद्ध जो षडयंत्र रचे जा रहे हैं उसे निष्क्रिय बनाना इन तीनों देशों के मध्य होने वाले विचार- विमर्श का एक लक्ष्य है।

बहरहाल सितंबर महीने में तबरीज़ नगर में सीरिया संकट के समाधान के लिए ईरान, रूस और तुर्की के राष्ट्राध्क्षों के मध्य वार्ता होने वाली है और आशा है कि यह बैठक सीरिया संकट के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी। MM