ओमान और भारत के विदेश मंत्रियों से ईरानी विदेश मंत्री की मुलाक़ात
ईरान के विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र की महासभा के अधिवेशन के अवसर पर भारत और ओमान के विदेश मंत्रियों से मुलाक़ात और वार्ता की है।
विदेशमंत्री ज़रीफ़ ने बुधवार की शाम भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय में मुलाक़ात की। इस मुलाक़ात में दोनों पक्षों ने ईरान व भारत की आपसी रुचि के विषयों और क्षेत्रीय समस्याओं के बारे में विचारों का आदान-प्रदान किया। इस अवसर पर विदेश मंंत्री ज़रीफ़ ने कहा कि चाबहार बंदरगाह के संबंध में ईरान व भारत का व्यापारिक सहयोग अच्छी तरह जारी है। उन्होंने इस बंदरगाह के विकास में दोनों देशों के अच्छे सहयोग की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस बंदरगाह की गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं और यहां से अफ़ग़ानिस्तान के लिए भारत की खेपें रवाना हो रही हैं। उन्होंने कहा कि चाबहार बंदरगाह की क्षमता में वृद्धि होगी और आशा है कि इस संबंध में भारत के पूंजी निवेश में भी वृद्धि होगी।
ओमान के विदेश मंत्री यूसुफ़ बिन अलवी ने भी बुधवार की शाम न्यूयार्क में मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ से मुलाक़ात की और द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मामलों के बारे में विचार विर्मश किया।ईरान के विदेशमंत्री ने इन मुलाक़ातों के अलावा नेलसन मंडेला शांति बैठक में भाषण दिया। उन्होंने गुट चार धन एक के विदेशमंत्रियों से भी मुलाक़ात की और परमाणु समझौते के बारे में विचार-विमर्श किया। ज़रीफ़ ने ईरान व गुट चार धन एक की बैठक में भी भाग लिया। इस बैठक के बाद उन्होंने और यूरोपी संघ के विदेशी मामलों की प्रभारी फ़ेड्रीका मोग्रीनी ने पत्रकारों के सामने परमाणु समझौते को बाक़ी रखने और ईरान के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए विशेष व्यवस्था किए जाने के बारे में एक बयान पढ़ा। (HN)