अमरीकी पाबंदियों पर ईरानी राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि ईरानी राष्ट्र अमरीकी धमकियों को अहमियत नहीं देता।
डॉक्टर हसन रूहानी ने अमरीका की ओर से पाबंदियों के ख़तरे के बीच, ईरानी राष्ट्र को आश्वासन दिया है कि उनकी टीम अमरीकी दबाव से पैदा होने वाली आर्थिक समस्या को हल करने के लिए भरपूर कोशिश करेगी।
उन्होंने देश के ऊर्जा क्षेत्र पर अमरीका की ओर से पाबंदी लगाए जाने की तारीख़ 4 नवंबर की ओर इशारा करते हुए कहा कि जनता आश्वस्त रहे कि सरकार अमरीकी ख़तरों से तनिक भी चिंतित नहीं है।
राष्ट्रपति रूहानी ने बुधवार को मंत्रीमंडल की बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।
उन्होंने बताया कि अनेक बड़े देशों के प्रतिनिधियों ने जिसमें एशियाई और योरोपीय देश शामिल हैं, इस्लामी गणतंत्र को संदेश दिया है कि वे ईरान का साथ देंगे और सहयोग करेंगे।
ईरानी राष्ट्रपति ने बल दिया कि अमरीकी अपनी नई साज़िश में नाकाम होकर रहेंगे और वास्तव में वे धीरे-धीरे पीछे हट रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इसकी वजह यह है कि अमरीकियों ने पहले कहा कि वह ईरान के तेल के निर्यात को शून्य तक पहुंचा देंगे, उसके बाद उन्होंने अपने बयान से पीछे हटते हुए कहा कि ऐसा करने में दो से तीन महीने लगेंगे।
राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि हम उनसे यह कहना चाहते हैं कि आप ईरान के तेल से जुड़े अपने किसी भी लक्ष्य हो हासिल नहीं कर पाएंगे। न तो इसकी मात्रा कर पाएंगे और न ही इसे शून्य तक पहुंचा सकते हैं। (MAQ/N)