दुनिया, अमरीका का सही अर्थों में पतन देखेगीः कमान्डर जाफ़री
आईआरजीसी के वरिष्ठ कमान्डर जनरल मुहम्मद अली जाफ़री ने 13 आबान के दिन को विश्व साम्राज्यवाद के विरुद्ध ईरानी जनता के संघर्ष का प्रतीक बताया और बल दिया कि दुनिया सही अर्थ में अमरीका का पतन देखेगी।
मेजर जनरल मुहम्मद अली जाफ़री ने रविवार को तेहरान में 13 आबान के कार्यक्रम ईरान विरोधी अमरीकी प्रतिबंधों की ओर संकेत करते हुए कहा कि ईरान के विरुद्ध अमरीका के प्रतिबंधों के हथकंडों के विफल होने से पता चलता है कि अमरीकी अधिकारियों की दिखावटी शक्ति का पतन हो रहा है।
उन्होंने यह बयान करते हुए इस्लामी क्रांति का चालीस वर्षीय इतिहास, ईरान और क्षेत्र में अमरीका की निरंतर पराजय का मुंह बोलता प्रमाण है, कहा कि ईरानी जनता के प्रतिरोध और डटे रहने के कारण अमरीका आर्थिक युद्ध में भी ईरान से पराजित होगा।
आईआरजीसी के कमान्डर ने बल दिया कि यदि चार नवम्बर 1979 को ईरानी जनता की साम्राज्य विरोधी कार्यवाही न होती तो आज दुनिया में साम्राज्य विरोधी, अमरीका और वर्चस्ववादी व्यवस्था के विरुद्ध लोगों का स्वतंत्रताप्रेमी संघर्ष के बारे में इस प्रकार की घटनाएं न होती।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के इतिहास में तेरह आबान को तीन महत्वपूर्ण घटनाएं घटी हैं। 13 आबान सन 1343 हिजरी शम्सी को इमाम ख़ुमैनी को तुर्की ओर देश निकाला दिया गया, 13 आबान सन 1357 हिजरी शम्सी को शाही सरकार ने छात्रों का जनसंहार किया तथा तेरह आबान को ईरान के क्रांतिकारी छात्रों ने जासूसी का अड्डा बन चुके अमरीका के दूतावास को अपने नियंत्रण में ले लिया था। (AK)