ईरान और फ़्रांस के विदेशमंत्रियों की महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा
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ईरान और फ़्रांस के विदेशमंत्रियों ने परमाणु समझौते, द्विपक्षीय मुद्दों तथा आपसी रुचि के अन्य विषयों पर विचार विमर्श किया।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Nov १०, २०१८ २१:३५ Asia/Kolkata
  • ईरान और फ़्रांस के विदेशमंत्रियों की महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा

ईरान और फ़्रांस के विदेशमंत्रियों ने परमाणु समझौते, द्विपक्षीय मुद्दों तथा आपसी रुचि के अन्य विषयों पर विचार विमर्श किया।

विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ और फ़्रांस के विदेशमंत्री जान एयो लोद्रियान ने शनिवार को टेलीफ़ोनी वार्ता में परमाणु समझौते सहित विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार विमर्श किया।

फ़्रांस के विदेशमंत्री ने इस टेलीफ़ोनी वार्ता में बल दिया कि पेरिस और अन्य यूरोपीय देश, परमाणु समझौते से आर्थिक लाभ उठाने और विशेष मैकेनिज़्म बनाने के संकल्प पर बल दे रहे हैं।

बुधवार के अपने बयान से पहले अमरीकी राष्ट्रपति यह कह चुके हैं कि 5 नवंबर 2018 से वे ईरान पर प्रतिबंध लगाकर उसके तेल निर्यात को शून्य तक पहुंचा देंगे।  इधर आर्थिक मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ईरान के विरुद्ध तेल प्रतिबंधों को पूर्ण रूप से लागू किया जाता है तो फिर अन्तर्राष्ट्रीय बाज़ार में तेल का मूल्य बढ़कर कम से कम 100 डाॅलर प्रति बैरेल हो जाएगा।

अमरीका ने अपने प्रतिबंधों की जो लंबी सूची तैयार की है उसका एक प्रमुख लक्ष्य ईरान की जनता पर भारी आर्थिक दबाव डालना है। ईरान के तेल निर्यात को ज़ीरो बैरल तक पहुंचाने की कोशिश और ईरान पर वायु व समुद्री प्रतिबंध लगाना आम जनता के जीवन को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करने वाला क़दम है और अंतर्राष्ट्रीय नियमों के अनुसार यह मानवाधिकार का हनन है।

संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवाधिकार मामलों के विशेष आयुक्त इदरीस अलजज़ीरी ने कहा कि अमरीका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों से ईरान की आम जनता का जीवन प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि ईरान पर अमरीका की ओर से पुनः प्रतिबंध लगाया जाना गैर क़ानूनी, अत्याचारपूर्ण तथा हानिकारक है। (AK)