परमाणु समझौते की सुरक्षा के लिए युरोपीय प्रयास
यूरोपीय देशों ने परमाणु समझौते या जेसीपीओए को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से प्रयास तेज़ कर दिये हैं।
जेसीपीओए को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से ब्रिटेन के विदेशमंत्री ईरान पहुंचे हैं। उनकी इस यात्रा के दौरान यूरोप की ओर से पेश किये गए आर्थिक पैकेज "एसपीवी" की समीक्षा की जाएगी।
ईरान के विरुद्ध अमरीका की ओर से दूसरे चरण के प्रतिबंध लागू करने के कुछ सप्ताहों के बाद यूरोप की ओर से जेसीपीओए की सुरक्षा के लिए प्रयास जारी हैं। अमरीका की ओर से एकपक्षीय रूप में परमाणु समझौते से निकल जाने और ईरान पर पुनः प्रतिबंधन लगाने के समय से ही यूरोपीय अधिकारी, जेसीपीओए से संबन्धित दोनो पक्षों के हितो की सुरक्षा पर बल देते आए हैं। दूसरी ओर यूरोपीय अधिकारियों के लिए आर्थिक हितों की पूर्ति और व्यापारिक लेनदेन का जारी रहना एेसे विषय हैं जिनको वे बहुत अधिक महत्व देते हैं। इस संदर्भ में यूरोपीय संघ ने कुछ समय पहले अमरीकी प्रतिबंधों के दृष्टिगत ईरान तथा यूरोपीय कंपनियों के समर्थन के उद्देश्य से कुछ विशेष क़ानून बनाए थे। यूरोपीय संघ का "एसपीवी" नामक आर्थिक एवं वित्तीय तंत्र, इसी का एक भाग है। "एसपीवी", "स्वीफट" से अलग है जो केवल यूरोपियों के अधिकार में है। एसवीपी के माध्यम से किये गए वित्तीय लेनदेन को अमरीकी नियंत्रित नहीं कर सकते। यूरोप के नए वित्तीय तंत्र एसपीवी में अमरीकी डाॅलर के लिए कोई भी स्थान नहीं है। इसमें यूरोपीय संघ की मुद्रा यूरो के माध्यम से ही लेनदेन संभव है। इस प्रकार यह अमरीकी प्रतिबंधों से प्रभावित नहीं होगा।
इस संदर्भ में यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रभारी फेड्रिका मोग्रीनी कहती हैं कि ईरान को परमाणु समझौते में बनाए रखने के लिए हम अपने भरसक प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूरोप के नए वित्तीय पैकेज से ईरान भी लाभान्वित होगा। परमाणु समझौते को सुरक्षित रखने से यूरोप का एक अन्य उद्देश्य, यूरोपीय स्वावलंबन की सुरक्षा और बहुपक्षवाद की नीति को नियंत्रित करना है।
यूरोपीय अधिकारियों की ओर से परमाणु समझौते को सुरक्षित रखने के प्रयास एेसी स्थिति में जारी हैं कि जब अन्तर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेन्सी, ईरान की ओर से जेसीपीओए के प्रति कटिबद्धता की पुष्टि कई बार कर चुकी है। इसी बीच ईरान के विदेश उपमंत्री सैयद अब्बास इराक़ची ने कहा है कि अब यूरोप की ज़िम्मेदारी बनती है कि परमाणु समझौते को सुरक्षित रखने के लिए वह पूरी गंभीरता से व्यवहारिक क़दम उठाए।