ईरान, सभी मुसलमानों की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाता हैः राष्ट्रपति रूहानी
राष्ट्रपति रूहानी ने कहा है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान सभी मुसलमानों की ओर दोस्ती और बंधुत्व का हाथ बढ़ाता है।
डाॅक्टर हसन रूहानी ने रविवार को इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता से देश के उच्चाधिकारियों, 32वीं इस्लामी एकता काॅन्फ़्रेंस में भाग लेने वालों और जनता के विभिन्न वर्गों से मुलाक़ात के अवसर पर आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई के संबोधन से पहले अपने भाषण में कहा कि दुश्मन चाहते हैं कि ईरान, इस्लामी क्रांति से पहले के बरसों की तरह काम करे और क्षेत्र के अत्याचारग्रस्त राष्ट्रों का समर्थन न करे लेकिन इस्लामी गणतंत्र ईरान, पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम का अनुसरण करते हुए बड़ी शक्तियों के प्रतिबंधों व काफ़िर ठहराए जाने से नहीं डरता।
उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि ईरान, अपने पड़ोसियों को अपना भाई और क्षेत्र की सुरक्षा को अपनी सुरक्षा समझता है, कहा कि तकफ़ीरी पिट्ठुओं के माध्यम से क्षेत्र को असुरक्षित बनाने और इसी तरह महान ईरानी राष्ट्र पर प्रतिबंधों के माध्यम से दबाव डालने की साम्राज्यवादियों की कोशिश विफल रहेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में धूर्त नस्ल परस्त हर दिन फ़िलिस्तीनी जनता का जनसंहार करते हैं और यमनी जनता पर बमबारी करते हैं।
ईरान के राष्ट्रपति डाॅक्टर हसन रूहानी ने इसी तरह चरमपंथी ईसाइयों, यहूदियों व मुसलमानों के सहयोग की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि आज कुछ लोगों ने मुसलमानों को काफ़िर ठहराने के नारे के साथ समाज व क्षेत्र को अशांत बना दिया है और इस्लाम व क़ुरआन के नाम पर लोगों की जान, सुरक्षा व इज़्ज़त तथा सांस्कृतिक अवशेषों को तबाह कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस्लामी गतणंत्र ईरान की इच्छा एकता, दया व तत्वदर्शिता है और इन मान्यताओं की प्राप्ति केवल पैग़म्बरे इस्लाम की छत्रछाया में आ कर ही संभव है। (HN)