बिन सलमान, आंतरिक व बाहरी चुनौतियों से चिंता
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान ने छे अफ्रीकी देशों की यात्रा की और कार्यक्रम के अनुसार वह अर्जेटाइना में जी -20 के सम्मेलन में भाग लेने का इरादा रखते हैं लेकिन उन्हें सऊदी अरब में विद्रोह और विदेशों में अपने बढ़ते हुए विरोध की चिंता खाए जा रही है।
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस की यात्रा पर जमाल खाशुकजी की हत्या की छाया है और यमन के युद्ध में नाकामी ने उनके लिए हालात को और भी कठिन बना दिया है जिसकी वजह से विश्व जनमत का उन पर भारी दबाव है और फिलहाल उन्हें इस दबाव से बचने का कोई रास्ता नज़र नहीं आ रहा है। मुजतहिद नाम से ट्विट करने वाले एक समाजी कार्यकर्ता ने लिखा है कि जी-20 में बिन सलमान के साथ अर्जेटाइना जाने का इरादा रखने वाले कई सऊदी अधिकारियों ने अपनी यात्रा निरस्त कर दी है जबकि इसी दौरान सऊदी अरब में बहुत से लोगों को शाही दीवान में आधी रात को बुलाया गया और मुजतहिद ने खलीज आनलाइन से एक इंटरव्यू में कहा कि बिन सलमान ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है और उन्होंने रॅायल गार्ड को आदेश दिया है कि वह देश के पूर्वी व पश्चिमी क्षेत्रों से रियाज़ पहुचें ताकि संभावित विद्रोह को रोका जा सके। सऊदी अरब के बाहर भी विभिन्न देशों में बिन सलमान का विरोध हो रहा है और ट्यूनेशिया, अल्जीरिया जैसे कई देशों में बिन सलमान की यात्रा के अवसर पर उन्हें आरी वाला प्रिंस कहा गया। सऊदी अरब के बाहर और भीतर जो हालात बन रहे हैं उन के निशाने पर एक प्रकार से अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी हैं क्योंकि उन्होंने पेट्रो डाॅलरों की वजह से बिन सलमान के अपराधों की ओर से आंखें मूंद रखी हैं लेकिन अब एेसा नहीं लगता कि ट्रम्प का समर्थन भी बिन सलमान के काम आ सकेगा। (Q.A.)