क्षेत्र की अशांति व अस्थिरता के लिए अमरीका ज़िम्मेदार है, ज़रीफ़
ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने कहा है कि अमरीका और उसके घटक देश सद्दाम से लेकर दाइश तक क्षेत्रीय जनता की समस्याओं के लिए ज़िम्मेदार हैं न कि ईरान।
गुरुवार को ज़रीफ़ ने उल्लेख किया कि अमरीका और उसके सहयोगी यमनी जनता क जनसंहार के लिए अरबों डॉलर के हथियार बेच रहे हैं। इसलिए उन्हें ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। ईरान का मिसाइल कार्यक्रम केवल ईरानी राष्ट्र की रक्षा के लिए है।
बुधवार को अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और ईरान के मामलों में अमरीकी प्रतिनिधि ब्रायन हुक ने ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और ईरान की क्षेत्रीय नीतियों को क्षेत्र में अशांति व अस्थिरता का कारण बताया था। अमरीका के अधिकारियों ने दावा किया कि ईरान का मिसाइल कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 2231 प्रस्ताव का उल्लंघन है।
हुक का दावा था कि ईरान का मिसाइल कार्यक्रम क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती है और सुरक्षा परिषद को इस चुनौती का कोई समाधान निकालना चाहिए।
ग़ौरतलब है कि ट्रम्प प्रशासन ईरान की दुश्मनी के लिए ख़ास तौर से अपनी पहचान बना चुका है और ईरान से संबंधित विषयों को उलट पलट कर दिखाने के लिए उसे विशेष दक्षता प्राप्त है। यहां तक कि अमरीकी विशेषज्ञ और टीकाकार भी ट्रम्प प्रशासन की धोखाधड़ी को उजागकर करते रहते हैं।
ईरानी विदेश मंत्री का यह बयान सौ फ़ीसद सही है कि क्षेत्र और विश्व शांति के लिए अमरीका सबसे बड़ा ख़तरा है, न कि ईरान। ट्रम्प प्रशासन ईरानी मिसाइल कार्यक्रम के बारे में झूठा प्रोपैगंडा भी इसलिए कर रहा है ताकि वह क्षेत्रीय देशों को भयभीत करके अपने हित साध सके।
सद्दाम का समर्थन और उसके बाद इराक़ पर सैन्य चढ़ाई फिर उसके बाद तकफ़ीरी आतंकवाद को बढ़ावा देना अमरीका का ही काम है। अब यमन में सऊदी सैन्य गठबंधन को अरबों डॉलर के हथियार बेचकर ट्रम्प प्रशासन पीड़ित यमनी जनता के जनसंहार में पूरी तरह से भागीदार है।