राष्ट्रपति रूहानी तुर्की से तेहरान वापस आ गये
राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान और तुर्की पूरे क्षेत्र में शांति व सुरक्षा बहाल करने का पक्का इरादा रखते हैं और तेहरान एवं अंकारा संयुक्त सहकारिता करके विदेशी शक्तियों को बता रहे हैं कि वे क्षेत्र की सुरक्षा के बारे में निर्णय नहीं ले सकते।
राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी तुर्की की अपनी यात्रा पूरी करके तेहरान वापस आ गये। उन्होंने अपनी दो दिवसीय तुर्की यात्रा के दौरान दोनों देशों की स्ट्रैटेजिक सुप्रीम कौंसिल में भाग लेने के अलावा अपने तुर्क समकक्ष से क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों के बारे में विचारों का आदान- प्रदान किया।
राष्ट्रपति की तुर्की यात्रा के दौरान स्वास्थ्य, उपचार और संचार संबंधों के बारे में दो समझौतों पर हस्ताक्षर भी हुए हैं। इसी प्रकार ईरानी राष्ट्रपति की तुर्की यात्रा के दौरान तेहरान-अंकारा के मध्य व्यापारिक संबंधों के विस्तार पर बल दिया गया।
राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने कहा है कि ईरान और तुर्की सही संचालन करके तेहरान के विरुद्ध अमेरिका के अत्याचारपूर्ण प्रतिबंधों को दोनों देशों के मध्य व्यापारिक संबंधों में विस्तार के अवसर में बदल सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि लंबे समय तक ईरान तुर्की की ऊर्जा आवश्यकताओं की आपूर्ति के लिए तैयार है।
इसी प्रकार राष्ट्रपति ने एक बार फिर तेहरान के विरुद्ध अमेरिकी प्रतिबंधों को अन्यायपूर्ण बताया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों और राष्ट्रीय हितों के अलावा किसी भी शक्ति को ईरान और तुर्की के आर्थिक संबंधों में प्रभावी नहीं होना चाहिये। उन्होंने कहा कि ईरानी राष्ट्र के खिलाफ अमेरिका के अन्यायपूर्ण प्रतिबंध दोनों देशों के बहुत मूल्यवान आर्थिक संबंधों के अवसर में परिवर्तित हो सकते हैं इस प्रकार से कि कोई भी शक्ति इन संबंधों को प्रभावित नहीं कर सकती।
इसी प्रकार राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान और तुर्की पूरे क्षेत्र में शांति व सुरक्षा बहाल करने का पक्का इरादा रखते हैं और तेहरान एवं अंकारा संयुक्त सहकारिता करके विदेशी शक्तियों को बता रहे हैं कि वे क्षेत्र की सुरक्षा के बारे में निर्णय नहीं ले सकते।
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोगान ने भी दोनों देशों के प्रगाढ़ संबंधों की ओर संकेत किया और कहा कि तुर्की का उद्देश्य यह है कि वह ईरान के साथ अपने व्यापारिक संबंधों की सतह को और अधिक करे।
इसी प्रकार उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों की ओर संकेत करते हुए कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों को ईरान और तुर्की के आर्थिक संबंधों के विस्तार की दिशा में रुकावट नहीं होना चाहिये और जान लेना चाहिये कि अमेरिकी प्रतिबंधों का अर्थ ईरानी जनता को दंडित करना है और यह एसा विषय है जिसकी घोषणा स्पष्ट रूप से तुर्की करता है।
इसी प्रकार अर्दोग़ान ने कहा कि इस संबंध में अमेरिका की एक पक्षीय कार्यवाही विश्व की शांति व सुरक्षा के लिए चुनौती है और सबको जान लेना चाहेय कि आज विश्व को शांति व सुरक्षा की आवश्यकता है न कि युद्ध की।
उन्होंने स्पष्ट किया कि तुर्की अमेरिकी प्रतिबंधों को स्वीकार नहीं करता और किसी को भी इस बात की अपेक्षा नहीं रखनी चाहिये कि प्रतिबंधों के कारण वह ईरान से अपने आर्थिक संबंधों की सतह को कम कर देगा। MM