अत्याचारियों से संघर्ष करना, क्रांति का महत्वपूर्ण लक्ष्य थाः मेजर जनरल
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इस्लामी क्रांति संरक्षक बल सिपाहे पासदारान आईआरजीसी के कमान्डर ने कहा है कि दुनिया भर के अत्याचार ग्रस्तों की रक्षा करना, इस्लामी क्रांति का महत्वपूर्ण लक्ष्य है और ईरान गर्व के साथ यह काम अंजाम दे रहा है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec २२, २०१८ १४:१९ Asia/Kolkata
  • अत्याचारियों से संघर्ष करना, क्रांति का महत्वपूर्ण लक्ष्य थाः मेजर जनरल

इस्लामी क्रांति संरक्षक बल सिपाहे पासदारान आईआरजीसी के कमान्डर ने कहा है कि दुनिया भर के अत्याचार ग्रस्तों की रक्षा करना, इस्लामी क्रांति का महत्वपूर्ण लक्ष्य है और ईरान गर्व के साथ यह काम अंजाम दे रहा है।

तेहरान में पवित्र रौज़ों की रक्षा करने वाले वीरों शीर्षक के अंतर्गत आयोजित एक सेमिनार को संबोधित करते हुए सिपाहे पासदारान के कमान्डर मेजर जनरल मुहम्मद अली जाफ़री ने कहा कि अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष करना इस्लामी गणतंत्र ईरान का प्रथम लक्ष्य था।

उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी देश ने ईरान की भांति अत्याचारों का मुक़ाबला नहीं किया इसीलिए अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष में ईरान की भूमिका आदर्श की हैसियत रखती है।

सिपाहे पासदारान के कमान्डर ने स्पष्ट किया कि ईरान ने दुनिया में अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष और सत्य का ध्वज ऊंचा उठाया है और इस्लामी क्रांति की विभूति से इस रास्ते पर अग्रसर है।

मेजर जनरल मुहम्मद अली जाफ़री ने अत्याचारग्रस्तों की रक्षा को इस्लामी क्रांति का दूसरा महत्वपूर्ण लक्ष्य क़रार दते हुए कहा कि आज फ़िलिस्तीन, यमन, सीरिया और इराक की अत्याचार ग्रस्त जनता इस्लामी गणतंत्र ईरान को अपनी मज़बूत ढारस समझती है।

आईआरजीसी के कमान्डर ने कहा कि शुद्ध इस्लामी मूल्यों और सिद्धातों को पुनर्जीवित करना, इस्लामी क्रांति का एक अन्य लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पवित्र इंसानों, मोमिन क्रांतिकारियों और शहादत के लिए तैयार युवाओं का प्रशिक्षण, इस्लामी क्रांति का समग्र लक्ष्य है और शहीदों का यह संदेश क्षेत्रीय स्तर पर विस्तृत हो रहा है।  (AK)