यूरोप ने व्यवहारिक रूप से अभी तक कुछ नहीं किया हैः जहांगीरी
उपराष्ट्रपति ने बल देकर कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोपीय संघ को एक बहुत बड़ी परीक्षा का सामना है।
ईरान के उपराष्ट्रपति इसहाक़ जहांगीरी ने यूरो न्यूज़ से वार्ता में कहा है कि फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन और पूरे यूरोप ने राजनीतिक व डिप्लोमैटिक सीमा तक अच्छा अमल किया है परंतु व्यवहारिक दृष्टि से इन तीनों देशों की ओर से अभी तक कोई क़दम देखने में नहीं आया है।
उपराष्ट्रपति ने बल देकर कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोपीय संघ को एक बहुत बड़ी परीक्षा का सामना है।
ज्ञात रहे कि परमाणु समझौते से अमेरिका के निकल जाने के बाद यूरोपीय देशों ने ईरान के आर्थिक हितों को गैरेन्टी प्रदान करने के साथ बल देकर कहा था कि वे परमाणु समझौते को सुरक्षित रखेंगे।
यूरोपीय संघ ने कई महीने पहले घोषणा की थी कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों का मुकाबला करने के लिए वह SPV नाम का एक वित्तीय तंत्र बना रहा है ताकि ईरान और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक व व्यापारिक सहकारिता का मार्ग उपलब्ध हो जाये पंरतु यूरोपीय देशों ने अब तक इस दिशा में कोई व्यवहारिक कार्य नहीं किया है। MM