एसपीवी पर युरोपीय संघ का बल और ईरान की गंभीर चेतावनी
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मई 2018 में जेसीपीओए से अमरीका के निकलने के बाद यूरोपीय संघ ने वाशिंग्टन के इस क़दम का विरोध किया था।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jan ०८, २०१९ १६:१७ Asia/Kolkata

मई 2018 में जेसीपीओए से अमरीका के निकलने के बाद यूरोपीय संघ ने वाशिंग्टन के इस क़दम का विरोध किया था।

वास्तव में युरोपीय संघ के अनुसार जेसीपीओए एक बहुपक्षीय समझौते का उदाहरण है जो अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के समाधान के लिए आदर्श बन सकता है। यही वजह है कि यूरोपीय संघ एसपीवी जैसे सिस्टम द्वारा ईरान के साथ सहयोग जारी रखने का इच्छुक है। इन परिस्थितियों में अभी तक यूरोप ईरान के साथ आर्थिक लेन-देन की व्यवस्था एसपीवी को लागू करने में नाकाम रहा जिस के बाद ईरान ने गंभीर रूप से चेतावनी दी जिसके बाद यूरोपीय संघ का कहना है कि वह गंभीरता के साथ एसपीवी को लागू करने और जेसीपीओए को सुरक्षित रखने का प्रयास कर रहा है। वास्तव में अपने वचनों को पूरा करने में युरोप की क्षमता पर ईरान में संदेह पैदा हो गया है इस लिए ईरान अब अन्य देशों को ओर ध्यान दे रहा है यही वजह है कि ईरान के विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ ने कहा है कि हम युरोप के साथ एसपीवी के बारे में सहयोग जारी रखेंगे लेकिन यूरोप की प्रतीक्षा में बैठे नहीं रहेंगे और ईरानी राष्ट्र के हितों की रक्षा के लिए अपने पारंपरिक सहयोगियों के साथ विचार विमर्श करेंगे। वास्तव में विदेशमंत्री का यह बयान यूरोप के लिए गंभीर चेतावनी है और उनके लिए यह संदेश है कि ईरान अमरीकी प्रतिबंधों के प्रभाव को कम करने के लिए यूरोप के वचनों के पालन का बहुत अधिक इंतेज़ार नहीं कर सकता। अस्ल में अमरीका के सामने खड़े होने की क़ीमत चुकाना पड़ती है लेकिन यूरोप यह चाहता है कि बिना किसी कष्ट और खर्चे के वह परमाणु समझौते की रक्षा करे और  ईरान के साथ लेन देन की व्यवस्था को लागू करे और यह संभव नहीं है। (Q.A.)