बहरैन, शैख़ अली सलमान की उम्र क़ैद पर भड़का ईरान
इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता श्री बहराम क़ासिमी ने बहरैन के अलवेफ़ाक़ पार्टी के महासचिव शैख़ अली सलमान की उम्र क़ैद की सज़ा की कड़े शब्दों में निंदा की है।
बहरैन की अदालत ने 24 अक्तूबर 2018 को शैख़ अली सलमान और बहरैन के दो सांसदों हसन सुलतान और अली अलअसवद को बरी किए जाने के आदेश को रद्द करते हुए उन पर क़तरर के लिए जासूसी का आरोप लगाते हुए उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई थी।
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासिमी ने मंगलवार को अपने एक बायन में कहा कि शैख़ अली सलमान पर निराधार आरोप लगाकर उन्हें अत्याचारपूर्ण सज़ा दिने से पता चलता है कि बहरैन सरकार कुछ पराए देशों के समर्थन पर भरोसा करते हुए देश में हर प्रकार के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को दबाने का प्रयास कर रही है।
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने बहरैन सरकार की अमानवीय कार्यवाहियों पर विश्व समुदाय की चुप्पी तथा अमरीका के धूर्ततापूर्ण रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि अमरीका ने हथियारों को बेचकर तथा बहरैन की सरकार का राजनैतिक समर्थन करके विरोधियों के दमन के लिए हरी झंडी दिखाई है।
अपील कोर्ट से उम्र क़ैद की सज़ा ऐसी हालत में सुनाई गयी है कि अलवेफ़ाक़ ने एक बयान जारी कहा कि उन पर जासूसी का लगाये जाने वाले आरोप के लिए आले ख़लीफ़ा सरकार के पास कोई प्रमाण भी नहीं है बल्कि समस्त दस्तावेज़ इस बात को सिद्ध करते हैं कि यह आरोप ग़लत लगाया गया है।
ज्ञात रहे कि बहरै में 2011 से आले ख़लीफ़ा सरकार के विरुद्ध जनता का शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी है जबकि आले ख़लीफ़ा सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों का क्रूरता से दमन कर रही है। (AK)