ईरान ने "दिज़फूल" बैलेस्टिक मिसाइल का अनावरण किया
https://parstoday.ir/hi/news/iran-i72563-ईरान_ने_दिज़फूल_बैलेस्टिक_मिसाइल_का_अनावरण_किया
इस्लामी क्रांति की सफलता की चालिसवीं वर्षगांठ के अवसर पर ईरान ने "दिज़फूल" बैलेस्टिक मिसाइल का अनावरण किया। यह मिसाइल ज़मीन से ज़मीन पर मार कर सकता है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb ०८, २०१९ १३:४८ Asia/Kolkata

इस्लामी क्रांति की सफलता की चालिसवीं वर्षगांठ के अवसर पर ईरान ने "दिज़फूल" बैलेस्टिक मिसाइल का अनावरण किया। यह मिसाइल ज़मीन से ज़मीन पर मार कर सकता है।

इस्लामी क्रांति संरक्षक बल सिपाहे पासदारान के कमांडर मोहम्मद अली जाफ़री ने इस मिसाइल के अनावरण कार्यक्रम के कहा कि इस मिसाइल का अनावरण पश्चिम की अर्थहीन धमकियों का जवाब है जो यह सोचते हैं कि प्रतिबंध और धमकियां ईरान को सीमित और दीर्घकालीन उद्देश्यों से उसे रोक सकती हैं।

उन्होंने कहा कि ईरान की सैनिक क्षमता केवल प्रतिरक्षात्मक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए है और उस पर न तो किसी प्रकार का समझौता किया जा सकता है और न ही वार्ता।

इससे पहले पिछले शनिवार को दूर तक मार करने वाले "हुवैज़ा" क्रूज़ प्रक्षेपास्त्र का अनावरण किया गया था। इस प्रक्षेपास्त्र को ईरानी विशेषज्ञों ने बनाया है और इसमें दुनिया की आधुनिकतम तकनीक का प्रयोग किया गया है।

इस प्रक्षेपास्त्र की मारक क्षमता एक हज़ार 350 किलोमीटर से अधिक है। शीघ्र प्रतिक्रिया व तैयार करना, अपने लक्ष्य को सटीक भेदना और बहुत अधिक विनाश, इस मिसाइल की कुछ विशेषताएं हैं।

"खुर्रमशहर" नाम का एक अन्य बैलेस्टिक ईरानी मिसाइल है जो बहुत विनाशकारी है।

इस बात में कोई संदेह नहीं है कि इस्लामी क्रांति की चालिसवीं वर्षगांठ के अवसर पर ईरान की रक्षा और प्रक्षेपास्त्रिक क्षमता परिपूर्णता के शिखर पर पहुंच गयी है।

रोचक बात यह है कि ईरान ने यह सफलताएं उस स्थिति में अर्जित की हैं जब उसे पश्चिम विशेषकर अमेरिका के विभिन्न प्रकार के प्रतिबंधों का सामना है और आज" हम कर सकते हैं" का नारा पूरी तक व्यवहारिक व साकार हो चुका है और ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों में वृद्धि उसे रक्षा के क्षेत्र में विकास से नहीं रोक सकती और ईरान के प्रक्षेपास्त्रों के अनावरण का यूरोप और अमेरिका के लिए संदेश यह है कि ईरान अपनी रक्षा शक्ति को मज़बूत करने में किसी से अनुमति नहीं लेता है।

साथ ही यहां इस बात का उल्लेख ज़रूरी है कि ईरान अपनी रक्षा क्षमता के बारे में किसी भी देश से वार्ता नहीं करेगा और क्षेत्रीय व पड़ोसी देशों के लिए ईरान की मिसाइल क्षमता का संदेश शांति व सुरक्षा है। MM