साम्राज्यवादी देश, ईरानी राष्ट्र के हितैषी नहीं! तेहरान के इमामे जुमा
तेहरान के इमामे जुमा ने कहा है कि साम्राज्यवादी देश, ईरानी राष्ट्र के हितैषी नहीं है और अधिकारियों को उनसे कोई आशा नहीं रखना चाहिए।
तेहरान के इमामे जुमा, आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ातेमी ने तेहरान में जुमा की नमाज़ के भाषण में ईरान व युरोप के मध्य आर्थिक लेन- देन की व्यवस्था को लागू किये जाने में विलंब तथा उसके लिए मिसाइल के विषय पर वार्ता सहित विभिन्न शर्तों का उल्लेख करते हुए कहा कि एफएटीएफ से जुड़ना ईरानी व्यवस्था के अपने फैसले पर निर्भर करता है।
उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि अमरीका की ओर से अन्यायपूर्ण प्रतिबंधों का वर्तमान चरण भी गुज़र जाएगा किा कि संघर्षपूर्ण संचालन, भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही जैसे क़दमों से वर्तमान समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
आयतुल्लाह ख़ातेमी ने एक हज़ार किलोमीटर की मारक क्षमता रखने वाले " देज़फ़ूल" मिसाइल के अनावरण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मिसाइल, प्रतिरोधक और इस्लामी सरकार की रक्षात्मक नीतियों के अंतर्गत है। उन्होंने बल दिया है कि इस्लामी गणतंत्र की पवित्र व्यवस्था अपनी रक्षा की व्यवस्था करने ाक संकल्प रखती है और इस संदर्भ में वह किसी प्रकार का संकोच नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि ईरान की इस्लामी क्रांति को जहां भी ज़रूरत हुई देश की जनता उपस्थित रही और इस बार भी हर साल से बेहतर रूप में 11 फरवरी की रैलियों का आयोजन होगा। (Q.A.)