ईरानी राष्ट्रपति ने सीरिया की संप्रभुता पर बल दिया
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सीरिया के संबंध में रूस के सूची नगर में ईरान, रूस और तुर्की के मध्य होने वाली त्रिपक्षीय बैठक समाप्त हो गयी है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb १५, २०१९ १७:२७ Asia/Kolkata

सीरिया के संबंध में रूस के सूची नगर में ईरान, रूस और तुर्की के मध्य होने वाली त्रिपक्षीय बैठक समाप्त हो गयी है।

बैठक की समाप्ति पर ईरान के राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने कहा है कि ईरान, रूस और तुर्की का संयुक्त उद्देश्य आतंकवाद से मुकाबला, सीरिया में दोबारा शांति व सुरक्षा का बहाल करना, सीरिया के नये संविधान का संकलन और इस देश की संप्रभुता की सुरक्षा है।

राष्ट्रपति रूहानी ने सीरिया के एदलिब नगर के भविष्य विशेषकर फुरात के पूर्वी क्षेत्रों के बारे में बल देकर कहा कि सीरिया के समस्त क्षेत्रों पर इस देश की कानूनी सरकार का नियंत्रण होना चाहिये और तीनों देश सीरिया की संप्रभुता पर बल देते हैं।

सूची बैठक की समाप्ति पर जो विज्ञप्ति जारी की गयी उसमें भी इस विषय पर बल दिया गया है।

तुर्की के राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोग़ान ने भी सीरिया संकट के समाधान के लिए आस्ताना प्रक्रिया को रचनात्मक बताया और कहा कि इस प्रक्रिया की उपयोगिता पहले से अधिक स्पष्ट हो गयी है।

ईरानी विदेशमंत्री के वरिष्ठ सलाहकार हुसैन जाबिरी अंसारी का भी मानना है कि आस्ताना प्रक्रिया के परिप्रेक्ष्य में ईरान, रूस और तुर्की के मध्य गत कुछ वर्षों के दौरान होने वाली सहकारिता ने अपनी उपयोगिता सिद्ध कर दी है और इसे जारी रहना चाहिये।

आस्ताना प्रक्रिया के सफल होने का कारण यह है कि जब सीरिया संकट के समाधान के लिए बैठक होती है तो उसमें सीरिया संकट के समस्त पहलुओं पर ध्यान दिया जाता है और ईरान, रूस और तुर्की तीनों देश एक साथ शांति व सुरक्षा स्थापित करने और सीरिया में शेष रह गये आतंकवादियों से मुकाबले पर बल देते हैं।

साथ ही तीनों देश सीरिया के नये संविधान को संकलित करने, सीरियाई शरणार्थियों को दोबारा स्वदेश वापस लौटाने और इस देश के पुनर्निमाण की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।

सीरिया संकट के समाधान के लिए आस्ताना और जनेवा प्रक्रिया में अंतर यह है कि आस्ताना प्रक्रिया ने अपनी उपयोगिता को सिद्ध कर दिया है।

इस संबंध में रूस के विदेशमंत्री सरगेई लावरोफ़ ने सीरिया संकट के समाधान के संबंध में उचित मार्ग पेश न कर पाने में पश्चिम की अक्षमता की ओर संकेत किया और उनका मानना है कि सीरिया संकट के समाधान की दिशा में ईरान, रूस और तुर्की ने जो कदम उठाये हैं उनसे बेहतर उन्होंने कोई दूसरा विकल्प नहीं सुना है।

अलबत्ता आस्ताना प्रक्रिया के परिप्रेक्ष्य में ईरान, रूस और तुर्की के मध्य रचनात्मक सहकारिता के बावजूद एदलिब सहित सीरिया के कुछ क्षेत्रों के बारे में चिंता मौजूद है और ईरानी राष्ट्रपति के कथनानुसार सीरिया की कानूनी सरकार के साथ सहकारिता इस संबंध में मौजूद चिंता को दूर करने का सबसे बेहतरीन मार्ग है। MM