ईरान अपना अनुभव प्रतिरोध के मोर्चे से साझा करेगाः जाफ़री
इस्लामी क्रान्ति संरक्षक बल आईआरजीसी के मुख्य कमान्डर ने कहा है कि इस्लामी गणतंत्र अपना अनुभव प्रतिरोध के मोर्चे से साझा करेगा।
मेजर जनरल मोहम्मद अली जाफ़री ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि पूरा अतिग्रहित क्षेत्र लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के मीज़ाईल की रेंज में आता है, ग़ज़्ज़ा की जनता के प्रतिरोध की ओर इशारा किया और कहा कि आज जो क्षेत्र में हालात इस्लामी क्रान्ति प्रतिरोध मोर्च की बदौलत बने हैं ये सब ईरान की इस्लामी क्रान्ति की अद्वितीय सफलताओं की देन है।
उन्होंने ज़ायोनी शासन की ओर से ख़तरे के बारे में कहा कि ज़ायोनी नील से फ़ुरात तक फैलने का सपना देखते थे और पिछले 50 साल से इस साज़िश को लागू करना चाहते थे लेकिन यह अवैध शासन न सिर्फ़ यह कि ख़ुद को विस्तृत नहीं कर पाया बल्कि पूरी तरह घिर चुका है और उसके क़ब्ज़े में मौजूद एक भाग भी निकल चुका है।
आईआरजीसी के मुख्य कमान्डर ने साफ़ तौर पर कहा कि दुश्मन क्षेत्र में नाकाम हो गया, उसकी जो भी साज़िश थी नाकाम हो गयी और यह सब इस्लामी क्रान्ति और प्रतिरोध के मोर्चे की सफलता के सिवा कुछ और नहीं है।
मेजर जनरल जाफ़री ने इसी तरह इस बात का उल्लेख करते हुए कि सीरिया में प्रतिरोध का आधार इस देश की जनता है, कहा कि लगभग 1 लाख सीरियाई नागरिक दाइश और आतंकवादी गुट जिबहतुन नुस्रा के ख़िलाफ़ डटे हुए हैं।(MAQ/N)