फ़ेसबुक की ईरान दुश्मनी, सैकड़ों यूज़र्स के पेजों को हटाया
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वैसे तो दुनिया के बहुत से तथाकथित बड़े-बड़े देश स्वयं को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का ठेकेदार बताते हैं और आए दिन किसी न किसी देश पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर तरह-तरह के आरोप लगाते रहते हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Mar २६, २०१९ १६:१४ Asia/Kolkata
  • फ़ेसबुक की ईरान दुश्मनी, सैकड़ों यूज़र्स के पेजों को हटाया

वैसे तो दुनिया के बहुत से तथाकथित बड़े-बड़े देश स्वयं को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का ठेकेदार बताते हैं और आए दिन किसी न किसी देश पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर तरह-तरह के आरोप लगाते रहते हैं।

इस बीच दुनिया में जो देश सबसे अधिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मानवाधिकार की बात करता है वह है अमेरिका, लेकिन सच यह है कि यह देश इस समय सबसे ज़्यादा मानवाधिकारों का उल्लंघन करने वाला देश बन चुका है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सबसे अधिक जिस देश में गला घोंटा जा रहा है वह भी कोई और देश नहीं है बल्कि स्वयं अमेरिका ही है। फेसबुक जो अब किसी पहचान का मोहताज नहीं है क्योंकि सोशल मीडिया में क्रांति आई है उसमें फेसबुक का बहुत बड़ा हाथ है। वैसे फेसबुक पहले तो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सबसे अच्छा प्लेटफ़ार्म समझा जाने लगा था लेकिन अब धीरे-धीरे उसपर व्हाइट हाउस में बैठे लोगों का प्रभाव होने लगा है और यही कारण है कि फेसबुक भी अब अमेरिकी राजनीति के आधार पर संचालित होने लगा है।

इन सब बातों का सबसे बड़ा सबूत सैकड़ों ईरानी यूज़र्स के ख़िलाफ़ फेसबुक द्वारा उठाया गया क़दम है। इस्लामी गणतंत्र ईरान जो इस समय दुनिया भर के अत्याचारग्रस्त लोगों की आवाज़ बनकर उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है। आज दुनिया के बहुत से देश और कई अन्य देशों की जनता ईरान की ओर आशा भरी नज़रों से देखते हैं उन्हें यह उम्मीद रहती है कि ईरानी मीडिया उनकी दबी हुई आवाज़ों को दुनिया तक पहुंचाने में उनकी मदद करता है। लेकिन मंगलवार को फेसबुक ने सैकड़ों ईरानी यूज़र्स के पेजों को बिना कोई सही कारण बताए हटा दिया।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार फ़ेसबुक ने मंगलवार को बिना कोई कारण बताए और केवल यह कहते हुए कि ईरानी यूज़र्स द्वारा अपने पृष्ठों पर कुछ आपत्ति जनक पोस्टों के कारण 513 ईरानी यूज़र्स के पेजों, ग्रुपों और व्यक्तिगत फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट को पूरी तरह हटा दिया गया है। फेसबुक ने कथित तौर पर यह भी दावा किया है जिन ईरानी पेजों को हटाया गया है उन पृष्ठों पर अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाई गई पाबंदियों,  सऊदी अरब द्वारा यमन पर किए जा रहे हमलों,  सीरिया में जारी युद्ध और भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के संबंध में प्रकाशित की गईं ख़बरें फेसबुक के मानकों के विपरीत थीं।

उल्लेखनीय है कि फ़ेसबुक ने जहां ईरानी यूज़र्स के अकाउंट बंद किए हैं वहीं रूस के भी हज़ारों यूज़र्स के अकाउंट बंद कर दिया गया है। (रविश ज़ैदी)