अमरीकी पाबंदियां भी इराक़ को ईरान से दूर नहीं कर सकतीं!
ईरानी राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने इराक़ी प्रधान मंत्री आदिल अब्दुल महदी से टेलीफ़ोन पर बातचीत की।
इस बातचीत में इराक़ के हालिया अपने दौरे की ओर इशारा करते हुए कहा कि तेहरान-बग़दाद संबंध में पहले से ज़्यादा विस्तार दोनों राष्ट्रों के हित में है, इससे क्षेत्र के किसी देश को नुक़सान नहीं पहुंचेगा और ईरान इराक़ के साथ हुए अहम सहमतियों को पूरी तरह लागू करने के लिए तय्यार है जो दोनों देशों के संबंध में बहुत बड़ी छलांग हो सकती है।
इराक़ी प्रधान मंत्री ने भी बल दिया कि दोनों देशों के बीच हुयी सहमतियां जल्द से जल्द लागू होंगी।
वास्तव में ईरान-इराक़ के बीच बहुत सी सांस्कृतिक, धार्मिक और भाषाई समानताओं के साथ साथ इराक़ के संबंध में ईरान की तार्किक नीति ख़ास तौर पर आतंकवादी गुट दाइश के ख़िलाफ़ लड़ाई में बग़दाद को तेहरान के समर्थन की भी, दोनों देशों के बीच आर्थिक क्षेत्र में सहयोग में विस्तार में प्रभावी भूमिका रही है। मार्च के आरंभ में ईरानी राष्ट्रपति के इराक़ दौरे से स्पष्ट हो गया कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंध विस्तार के मार्ग में कोई चीज़ रुकावट नहीं बन सकती और अमरीकी पाबंदियां भी इराक़ को ईरान से दूर नहीं कर सकतीं।
तेहरान-बग़दाद के बीच 5 सहमतियों पर दस्तख़त, दोनों देशों की जनता के लिए एक दूसरे के यहां यात्रा के वीज़े का अप्रैल 2019 से फ़्री होना और ईरान-इराक़ सीमा पर औद्योगिक कॉलोनी की स्थापना पर सहमति, राष्ट्रपति रूहानी के हालिया इराक़ दौरे की बहुत बड़ी उपलब्धि है।
इराक़ी प्रधान मंत्री की ओर से ईरानी कंपनियों का इराक़ में स्वागत तथा दोनों देशों के बीच वीज़ा फ़्री होने की सहमति के लागू होने पर ताकीद, दोनों देशों के बीच रणनैतिक संबंध को दर्शाती है।
ईरान-इराक़ के बीच सहयोग में विस्तार, दोनों राष्ट्रों के हित में होने के साथ साथ पश्चिम एशिया के स्तर पर उसके सफलतापूर्वक विस्तृत होने का नमूना है ताकि रणनैतिक दृष्टि से अहम इस क्षेत्र में शांति व स्थिरता क़ायम हो सके।(MAQ/T)