यूरोप भी तेहरान विरोधी राग अलापने लगा है
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विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने कहा है कि ईरान के पास सैन्य लक्ष्यों के लिए परमाणु कार्यक्रम नहीं है और ईरान के मिसाइल केवल रक्षा के लिए हैं और ईरान का यह कार्य किसी भी अंतरराष्ट्रीय कानून के विरुद्ध नहीं है
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Apr ०३, २०१९ १३:२९ Asia/Kolkata

विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने कहा है कि ईरान के पास सैन्य लक्ष्यों के लिए परमाणु कार्यक्रम नहीं है और ईरान के मिसाइल केवल रक्षा के लिए हैं और ईरान का यह कार्य किसी भी अंतरराष्ट्रीय कानून के विरुद्ध नहीं है

जून 2015 में ईरान और गुट पांच धन एक के मध्य जो परमाणु समझौता हुआ था उसके बदले में तय यह था कि ईरान पर जो प्रतिबंध लगे हैं उन्हें समाप्त किया जायेगा और सुरक्षा परिषद ने भी प्रस्ताव नंबर 2231 पारित करके इस समझौते की पुष्टि की थी।

तेहरान के अनुसार यह समझौता केवल परमाणु के क्षेत्र में था और इसमें ईरान का मिसाइल कार्यक्रम शामिल नहीं है जबकि अमेरिका और पश्चिम का दावा है कि परमाणु समझौते में ईरान का मिसाइल कार्यक्रम भी शामिल है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का दावा है कि परमाणु समझौता ईरान को नियंत्रित नहीं कर सका और इससे ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को सीमित करने हेतु अमेरिकी हितों व मांगों की पूर्ति नहीं होती।  

यूरोपीय देश भी अब अमेरिका की हां में हां मिलाते हुए ईरान के मिसाइल कार्यक्रम के बारे में अमेरिका जैसा राग अलापने लगे हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी ने एक पत्र लिखकर संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव एन्टोनियो गुटेरेस से मांग की है कि वह ईरान के बैलेस्टिक मिसाइलों के बारे में एक रिपोर्ट पेश करें।

राष्ट्रसंघ में इन तीन यूरोपीय देशों के राजदूतों ने ईरान पर सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव नंबर 2231 के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

इसी प्रकार इन तीनों देशों ने ईरान द्वारा मिसाइल परीक्षण को सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव नंबर 2231 का उल्लंघन बताया है जबकि इस प्रस्ताव में ईरान का आह्वान किया गया है कि वह एसे मिसाइलों का परिक्षण न करे जिनकी डिज़ाइन्ग परमाणु वार हेड्स ले जाने के लिए की गयी है और वह भी इस प्रकार से कि उसके प्रति वचनबद्ध रहना ईरान के लिए आवश्यक नहीं है।

तेहरान ने भी बारमबार बल देकर कहा है कि उसके किसी भी मिसाइल की डिज़ाइन्ग परमाणु वार हेड्स ले जाने के लिए नहीं की गयी है।

इसी बीच विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने कहा है कि ईरान के पास सैन्य लक्ष्यों के लिए परमाणु कार्यक्रम नहीं है और ईरान के मिसाइल केवल रक्षा के लिए हैं और ईरान का यह कार्य किसी भी अंतरराष्ट्रीय कानून के विरुद्ध नहीं है और जो लोग परमाणु समझौते से अवगत हैं वे इस बात को जानते हैं कि ईरान द्वारा उपग्रह का अंतरिक्ष में भेजा जाना और मिसाइल का परीक्षण प्रस्ताव नंबर 2231 का उल्लंघन नहीं है जबकि सशस्त्र सेना के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद बाक़िरी ने कहा है कि मिसाइल सहित ईरान की रक्षाशक्ति पर किसी प्रकार की वार्ता नहीं की जा सकती। MM