सैनिक एवं आर्थिक दोनो क्षेत्रों में अमरीका, आतंकवाद का प्रतीकः लारीजानी
ईरान के संसद सभापति ने स्पष्ट किया है कि अमरीका, सैनिक एवं आर्थिक दोनो ही क्षेत्रों में अन्तर्राष्ट्रीय आतंकवाद का प्रतीक बन चुका है।
अली लारीजानी ने मंगलवार को संसद की कार्यवाही में क्षेत्र में आतंकवादियों के विरुद्ध इस्लामी क्रांति के रक्षाबलों पासदाराने इन्क़ेलाब की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि इस्लामी क्रांति के संरक्षक बलों को आतंकवादी घोषित करना, अमरीकी सरकार के द्वेष को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस्लामी क्रांति के संरक्षक बलों ने थोपे गए युद्ध के दौरान ईरानी राष्ट्र की सराहनीय सेवा की। इन बलों ने उस सद्दाम के शासन का मुक़ाबला किया जिसके साथ दुनिया की सारी बड़ी शक्तियां खड़ी थीं। ईरान के संसद सभापति ने कहा कि हालिया वर्षों के दौरान जब अमरीका समर्थित आतंकवादी गुटों ने पूरे क्षेत्र को आग के हवाले कर दिया था तब भी इन्हीं जियालों ने अपनी हिम्मत से आतंकवादियों के हौसले पस्त कर दिये।
अली लारीजानी ने अमरीकी अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि क्या तुमको पाकिस्तान की दिवंगत प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो का वह कथन याद नहीं रहा जिसमें उन्होंने कहा था कि अफ़ग़ानिस्तान में आतंकवादी गुटों को बनाने वाला अमरीका ही है।
ज्ञात रहे कि अमरीका की ओर से ईरान के इस्लामी क्रांति संरक्षक बल सिपाहे पासदारान को आतंकवादी दलों की सूचि में शामिल करने पर प्रतीकात्मक प्रदर्शन करते हुए ईरान के सांसद आज संसद की कार्यवाही में आईआरजीसी की ड्रेस पहन कर पहुंचे थे। उन्होंने संसद में अमरीका मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।