आईआरजीसी के खिलाफ अमरीकी खेल का कुछ परिणाम नहीं निकलेगा, वरिष्ठ नेता
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने आईआरजीसी के खिलाफ अमरीकियों की शत्रुता की वजह, देश और क्रांति की रक्षा में अग्रणी होना बताया और कहा कि अमरीका और नादान दुश्मन, 40 वर्षों से उनके बस में जो भी था वह उन्होंने इस्लामी गणतंत्र के खिलाफ किया लेकिन ईरान का कुछ बिगाड़ नहीं पाए।
वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने सोमवार की रात इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में आईआरजीसी के कुछ अधिकारियों और उनके परिजनों से भेंट में, आईआरजीसी को एक महत्वपूर्ण संस्था और विभिन्न क्षेत्रों में दुश्मन से मुक़ाबले में अग्रणी बताया और कहा कि आईआरजीसी, सीमा पर दुश्मनों से मुक़ाबले के मोर्चे पर बल्कि हज़ारों किलोमीटर दूर हज़रत ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा के हरम के आस पास भी संघर्ष में अग्रणी होने के साथ ही साथ, दुश्मन से राजनीतिक संघर्ष में भी अगुवा रहा है और क्रांति संरक्षक बल से द्वेष का यही कारण है।
वरिष्ठ नेता ने कहा कि अमरीकी अपने विचार में आईआरजीसी और वास्तव में क्रांति और ईरान के विरुद्ध योजना बना रहे हैं और मदारी का खेल दिखा रहे हैं निश्चित रूप से इस प्रकार की दुष्टता का कोई नतीजा नहीं निकलने वाला है और इस का परिणाम, ट्रम्प और अमरीकी सरकार के अन्य मूर्खों को ले डूबेगा।
वरिष्ठ नेता ने इस्लामी गणतंत्र ईरान के खिलाफ चालीस वर्षों से राजनीतिक, आर्थिक और प्रचारिक दबाव डाल रहे हैं लेकिन वह उस समय भी ईरान का कुछ बिगाड़ नहीं पाए जब इस्लामी गणतंत्र व्यवस्था नव गठित थी।
वरिष्ठ नेता ने कहा कि दुश्मनों की कल्पना के विपरीत, इस्लामी गणतंत्र व्यवस्था की ताक़त, परमाणु बम से नहीं है क्योंकि हम ने आरंभ से बल दिया है कि परमाणु हथियार हमारी धार्मिक आस्था के खिलाफ है और हमें उसकी ज़रूरत नहीं है, हमारी शक्ति और सम्मान, जनता की सूझबूझ, उनके संघर्ष और बलिदान की वजह से है। (Q.A.)