अमेरिकी सैनिकों का अंजाम दाइश जैसा हो सकता हैः सईद जलीली
सईद जलीली ने कहा कि हीरोशीमा पर बमबारी, वियतनाम में युद्ध, जायोनी शासन का समर्थन, इराक और अफगानिस्तान पर हमला और दाइश का गठन अमेरिका की आतंकवादी कार्यवाहियों के नमूने हैं।
उच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में वरिष्ठ नेता के प्रतिनिधि ने इस्लामी क्रांति संरक्षक बल सिपाहे पासदारान के खिलाफ अमेरिकी कदम की ओर संकेत किया और बल देकर कहा कि अगर अमेरिकियों ने गलती की तो पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैनिकों का अंजाम दाइश जैसा हो सकता है।
सईद जलीली ने कहा कि ईरान स्वयं आतंकवाद की भेंट चढ़ा है और आतंकवादी गुट एमकेओ ने 17 हज़ार से अधिक ईरानियों को शहीद किया है और इस गुट को अमेरिकी समर्थन प्राप्त है।
इसी प्रकार उन्होंने विश्व के लोगों के विरुद्ध अमेरिकी अपराधों की ओर संकेत करते हुए कहा कि हीरोशीमा पर बमबारी, वियतनाम में युद्ध, जायोनी शासन का समर्थन, इराक और अफगानिस्तान पर हमला और दाइश का गठन अमेरिका की आतंकवादी कार्यवाहियों के नमूने हैं।
इसी प्रकार ईरान की उच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में वरिष्ठ नेता के प्रतिनिधि ने पश्चिम एशिया में अमेरिका की विफल नीतियों की ओर संकेत किया और कहा कि गत चालिस वर्षों के दौरान अमेरिकियों को ईरान से भारी पराजय मिली है और इसी कारण वे ईरानी लोगों और सिपाहे पासदारान से क्रोधित हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने मूर्खता की है और ईरान के विरुद्ध प्रतिबंधों को दोबारा बहाल कर दिया और ईरान के पास भारी मानवीय व गैर मानवीय संभावनाएं मौजूद हैं और उसे कभी भी बंद गली का सामना नहीं होगा। MM