आईआरजीसी के विरुद्ध कार्यवाही अन्तर्राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघनः आयतुल्लाह किरमानी
तेहरान के इमामे जुमा आयतुल्लाह मुहम्मद अली मोवह्हेदी किरमानी ने कहा है कि अमरीका की ओर से आईआरजीसी या सिपाहे पासदारान के विरुद्ध कार्यवाही अन्तर्राष्ट्रीय नियमों का घोर उल्लंघन है।
आयतुल्लाह मोवह्हेदी किरमानी ने जुमे के ख़ुत्बे में आईआरजीसी के विरुद्ध अमरीकी कार्यवाही की निंदा करते हुए कहा कि डोनाल्ड ट्रम्प का यह फैसला मध्यपूर्व की स्थिति को बहुत जटिल बना देगा। उन्होंने कहा कि इस बात को पूरी दुनिया जानती है कि अमरीका, आतंकवादी गुटों का जन्मदाता है। आयतुल्लाह किरमानी ने स्पष्ट किया कि इस्लामी क्रांति के संरक्षक बलों के विरुद्ध ट्रम्प के फैसले का संसार के देशों की ओर से विरोध बताता है कि वाशिग्टन की यह कार्यवाही परिणामहीन रहेगी। उन्होंने इसी प्रकार आईआरजीसी से अमरीका की शत्रुता की ओर संकेत करते हुए कहा कि आईआरजीसी ने क्षेत्र में अमरीका का समर्थन प्राप्त आतंकवादियों की कमर तोड़ दी जिसकी वजह से वाशिग्टन, पश्चिम एशिया में अपने लक्ष्य पाप्त करने में विफल रहा।
आयतुल्लाह मुहम्मद अली मोवह्हेदी किरमानी ने कहा कि पश्चिमी एशिया में अमरीकी विफलता ने ट्रम्प को पागल कर दिया है। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2018 में ट्रम्प की गोपनीय इराक़ यात्रा बताती है कि अमरीका, क्षेत्र में बदनाम हो चुका है। आयतुल्लाह किरमानी ने बल देकर कहा कि आईआरजीसी या इस्लामी क्रांति के संरक्षक बल पर्वत की भांति इस्लामी क्रांति की उपलब्धियों की सुरक्षा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सिपाहे पासदारान अपनी मिसाइल क्षमता के कारण जब चाहे तेलअवीव को मिट्टी में मिलाने में सक्षम है। उल्लेखनीय है कि आईआरजीसी के विरुद्ध की जाने वाली अमरीकी कार्यवाही के प्रतीकात्मक विरोध स्वरूप आयतुल्लाह मुहम्मद अली मोवह्हेदी किरमानी ने जुमे का ख़ुत्बा सिपाह की यूनिफ़ार्म पहनकर दिया।