बाढ़ग्रस्त लोगों की मदद के लिए आयतुल्लाह ने बेचा अपना घर +फ़ोटो
https://parstoday.ir/hi/news/iran-i74513-बाढ़ग्रस्त_लोगों_की_मदद_के_लिए_आयतुल्लाह_ने_बेचा_अपना_घर_फ़ोटो
विश्व विख्यात धर्मगुरु आयतुल्लाह जाफ़र सुबहानी ने ईरान में आई विनाशकारी बाढ़ के पीड़ितों की सहायता के लिए अपना घर बेचकर उससे आई राशि को बाढ़ राहत कोष में दे दिया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Apr १८, २०१९ १३:५१ Asia/Kolkata
  • बाढ़ग्रस्त लोगों की मदद के लिए आयतुल्लाह ने बेचा अपना घर +फ़ोटो

विश्व विख्यात धर्मगुरु आयतुल्लाह जाफ़र सुबहानी ने ईरान में आई विनाशकारी बाढ़ के पीड़ितों की सहायता के लिए अपना घर बेचकर उससे आई राशि को बाढ़ राहत कोष में दे दिया है।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, विश्व विख्यात शिया धर्मगुरू आयतुल्लाह जाफ़र सुबहानी ने इस्लामी गणतंत्र ईरान में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए अपना घर ही बेच दिया और उससे आने वाली राशि को देश के आपदा प्रबंधन कोष के हवाले कर दिया। ईरान के पवित्र नगर क़ुम में स्थित धार्मिक विश्वविद्यालय के कल्याणकारी केंद्र के प्रमुख हुज्जतुल इस्लाम रब्बानी ने बताया कि, आयतुल्लाह सुबहानी ने उनसे कहा कि, “अगर मेरे लिए संभव होता तो मैं खुद बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए जाता।” श्री रब्बानी ने कहा कि आयतुल्लाह सुबहानी ने उन्हें एक चेक देते हुए कहा कि, “मेरे पास एक पुराना घर था उसे मैंने बेच दिया है और उससे प्राप्त हुई राशि को मैं आपको दे रहा हूं, ताकि आप इसे बाढ़ प्रभावित लोगों के पास पहुंचाएं और उन्हें मेरा ख़ास सलाम भी कहें”

उल्लेखनीय है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान को हालिया दिनों में देश के इतिहास की सबसे विनाशकारी बाढ़ का सामना है, जिसने देश के विभिन्न प्रांतों, शहरों और गावों में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इन सबके बावजूद इस देश की महान जनता ने एकजुट होकर इस विनाशकारी बाढ़ का डटकर मुक़ाबला किया और बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए दिन-रात एक कर दिया। ईरानी जनता की एकता और एकजुटता के कारण इतने बड़े बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों और लोगों को इतनी जल्दी सहायता पहुंचा पाना यह भी अपने आप में एक कीर्तिमान है।

इस समय ईरान के सभी संबंधित विभाग ही नहीं बल्कि आम लोग बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं। यही नहीं दूसरे देशों के लोग भी आपसी एकजुटता और एक दूसरे की मदद के इस वातावरण को देखकर बाढ़ से प्रभावित इलाक़ों में लोगों की सेवा के लिए पहुंच गए हैं। अलग-अलग इलाक़ों से बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए पहुंचने वाले लोग स्थानीय लोगों में इस तरह घुल मिल गए हैं कि वह सब एक ही परिवार के सदस्य प्रतीत होते हैं। बड़े, बूढ़े, जवान, महिलाएं, छात्र, छात्राएं और साथ ही बाढ़ प्रभावित लोगों की सेवा में लगे बड़ी संख्या में धर्मगुरूओं ने बड़े यादगार और दर्शनीय क्षण पैदा कर दिए हैं। (RZ)