ईरान, अमरीका के आगे झुकने वाला नहीं हैः रूहानी
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने एक बार फिर कहा है कि ईरान की जनता दबाव और धमकियों के सामने झुकने वाली नहीं है।
शनिवार की रात समाचार पत्रों और मीडियाकर्मियों तथा सीनियर संपादकों के साथ मुलाक़ात में राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि हज़रत अली अलैहिस्सलाम की सरकार को इतिहास ने सबसे न्यायप्रिय और साथ ही सबसे अत्याचारग्रस्त सरकार क़रार दिया।
ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि पैग़म्बरे इस्लाम (स) के बाद हज़रत अली अलैहिस्सलाम से अधिक उच्च स्थान और उच्च गुण वाली कोई और हस्ती नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि हज़रत अली अलैहिस्सलाम वह हस्ती हैं जिन्होंने कहा है कि मैं ख़िलाफ़त और सरकार का इच्छुक नहीं था किन्तु तुम लोगों ने ख़िलाफ़त मुझ पर थोप दी।
राष्ट्रपति ने कहा कि इस स्थिति का परिणाम जो सामने आया उसका संबंध समाज के उतार चढ़ाव और समाज की जानकारी और सूचना की कमी से है जो काफ़ी समय तक इस समय के मीडिया की कमज़ोरी से संबंध रखती है, जिसका परिणाम यह हुआ कि हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने जहां उस समय कि आपने सबसे न्याय प्रिय और बेहतरीन सरकार बनाई वहीं आप दुनिया के सबसे मज़लूम हस्ती थे।
राष्ट्रपति हसन रूहानी ने ईरान के विरुद्ध अमरीका के राजनैतिक व आर्थिक दबाव की ओर संकेत करते हुए कहा कि ईरान की जनता ने दबाव को कभी स्वीकार किया है न करेगी।
राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने यह बात बल देकर कही कि अमरीका, ईरान को झुकने पर मजबूर नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि अमरीका के साथ युद्ध में अंतिम सफलता ईरान को ही मिलेगी और इस सफलता के लिए जिन चीज़ों की आवश्यकता है उनमें परस्पर एकता और एकजुटता सबसे महत्वपूर्ण हैं।
राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने परमाणु समझौते से अमरीका के ग़ैर क़ानूनी ढंग से निकलने की ओर संकेत करते हुए कहा कि आज दुनिया के समस्त देश और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं, इस अंतर्राष्ट्रीय समझौते से अलग होने की वजह से अमरीका की आलोचना कर रही हैं।
ज्ञात रहे कि अमरीका ने ईरान के साथ होने वाले परमाणु समझौते से अलग होने के बाद तेहरान के विरुद्ध व्यापक दबाव बढ़ा दिया है। (AK)