ईरान परमाणु समझौते के प्रति कटिबद्ध हैः IAEA
IAEA की रिपोर्ट के अनुसार 20 मई तक ईरान में संवर्द्धित यूरेनियम की मात्रा 1741 किलो थी जो परमाणु समझौते में होने वाली सहमति की सीमा से भी कम है।
परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी IAEA की अंतिम रिपोर्ट इस बात की सूचक है कि ईरान परमाणु समझौते के प्रति कटिबद्ध है जबकि अमेरिका ईरान पर इस समझौते के प्रति कटिबद्ध न रहने और उस पर परमाणु हथियार बनाने के प्रयास का आरोप लगाता है।
IAEA ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में घोषणा की है कि ईरान के परमाणु पदार्थों का भंडारण निर्धारित सीमा से अधिक नहीं हुआ है।
शुक्रवार को प्रकाशित होने वाली IAEA की रिपोर्ट के अनुसार 20 मई तक ईरान में संवर्द्धित यूरेनियम की मात्रा 1741 किलो थी जो परमाणु समझौते में होने वाली सहमति की सीमा से भी कम है।
ज्ञात रहे कि परमाणु गतिविधियों पर नज़र रखने की ज़िम्मेदारी परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी IAEA की है और अब तक वह अपनी 14 रिपोर्टों में इस बात की पुष्टि कर चुकी है कि ईरान परमाणु समझौते के परिप्रेक्ष्य में अपने वचनों के प्रति कटिबद्ध है।
एजेन्सी की ताज़ा रिपोर्ट से जहां एक बार फिर इस बात की पुष्टि होती है कि ईरान परमाणु समझौते के प्रति कटिबद्ध है वहीं अब यूरोपीय देशों के पास कोई बहाना नहीं है और उन्हें चाहिये कि अमेरिकी प्रतिबंधों से ईरान को जो आर्थिक क्षति हो रही है उसकी भरपाई करें।
इन देशों ने अमेरिका की नीतियों से मुकाबला करने की बात की है परंतु शब्दों के अलावा उन्होंने इस संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाये हैं।
बहरहाल यूरोपीय देश अब यह समझ गये हैं कि परमाणु समझौते के बारे में ईरान के धैर्य का पैमाना भर चुका है और अगर इस समझौते को बाकी रखने के लिए उन्होंने बुनियादी व ठोस काम नहीं किया तो इस समझौते के बाकी रखने की आशा नहीं रखी जा सकती। MM