सऊदी अरब को ज़रीफ़ की चेतावनी
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तुर्की की राजधानी इस्तंबोल में ईरान व हिज़्बुल्लाह को बदनाम करने की सऊदी अरब की कोशिशों पर प्रतिक्रिया जताते हुए विदेश मंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने सऊदी अधिकारियों को इराक़ की बास सरकार के विदेश मंत्री के अंजाम की याद दिलाई और कहा कि इस प्रकार की कार्यवाहियां तेल अवीव को ख़ुश करेंगी।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Apr १३, २०१६ १८:४३ Asia/Kolkata
  • सऊदी अरब को ज़रीफ़ की चेतावनी

तुर्की की राजधानी इस्तंबोल में ईरान व हिज़्बुल्लाह को बदनाम करने की सऊदी अरब की कोशिशों पर प्रतिक्रिया जताते हुए विदेश मंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने सऊदी अधिकारियों को इराक़ की बास सरकार के विदेश मंत्री के अंजाम की याद दिलाई और कहा कि इस प्रकार की कार्यवाहियां तेल अवीव को ख़ुश करेंगी।

इस्तंबोल में इस्लामी सहयोग संगठन ओआईसी के विदेश मंत्रियों की बैठक के घोषणापत्र के मसौदे में सऊदी अरब और उसके कुछ घटकों की ओर से ईरान के विरुद्ध चार और लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के विरुद्ध एक बिंदु शामिल करने की कोशिश के जवाब में ईरान के विदेश मंत्री ने इसे इस्लामी एकजुटता के विरुद्ध और ज़ायोनी शासन के हित में बताते हुए इसके कुपरिणामों की ओर से सचेत किया। उन्होंने इराक़ के पूर्व तानाशाह सद्दाम द्वारा ईरान पर थोपे गए युद्ध के दौरान ओआईसी को हथकंडे के रूप में प्रयोग किए जाने के बुरे अनुभव की ओर संकेत करते हुए कहा कि उस समय इराक़ के तत्कालीन विदेश मंत्री तारिक़ अज़ीज़ ने कुछ क्षेत्रीय देशों के समर्थन से ईरान के विरुद्ध कई सूत्रीय घोषणा पत्र पारित कराया था लेकिन हमने उसे कोई महत्व नहें दिया, सभी को अतीत से पाठ सीखना चाहिए और देखना चाहिए कि अब तारिक अज़ीज़ कहां है?

इराक़ के पूर्व विदेश मंत्री ने ओआईसी सम्मेलन में ईरान के विरुद्ध प्रस्ताव पारित कराने की कोशिश की थी।

ईरान के विदेश मंत्री ने इस बात पर बल देते हुए कि ओआईसी के कुछ सदस्य देश, उन्हीं विफल नीतियों को पुनः आज़मा रहे हैं, हिज़्बुल्लाह कि निंदा किए जाने के बारे में कहा कि इससे इस्राईल ख़ुश और प्रोत्साहित होगा। मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने अपने भाषण में कहा कि देशों की आपसी समस्याओं को द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से हल करना चाहिए और आपसी समस्याओं को इस प्रकार के सम्मेलनों में नहीं उठाया जाना चाहिए। उन्होंने ईरान में सऊदी अरब के दूतावास और वाणिज्य दूतावास पर हमले के विषय से ग़लत लाभ उठाए जाने की ओर संकेत किया और कहा कि ईरान की सरकार ने इस घटना की निंदा की है और इसके दोषियों पर मुक़द्दमा चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमने पड़ोसी व मुस्लिम देशों के साथ संबंधों को मज़बूत बनाए जाने को हमेशा प्राथमिकता दी है जबकि इनमें से कुछ देशों ने सद्दाम द्वारा ईरान पर थोपे गए युद्ध में सद्दाम की सहायता की थी और ईरानी जनता के विरुद्ध सद्दाम के अपराधों में वे भी सहभागी हैं। (HN)