ईरान के फैसले पर यूरोपीय देशों की प्रतिक्रियाएं
ईरान की ओर से यूरेनियम संवर्घन को 3.67 प्रतिशत बढ़ाए जाने की घोषणा के बाद यूरोपीय देशों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
तीन यूरोपीय देशों ब्रिटेन, जर्मनी और फ़्रांस के अधिकारियों ने ईरान के फैसले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। इन देशों ने ईरान से मांग की है कि वह यूरेनियम संवर्धन की अपनी गतिविधियों को रोककर पुरानी स्थिति में वापस आ जाए।
ईरान की ओर से यूरोपीय देशों की दी गई 60 दिनों की डेड लाइन समाप्त होने के बाद तेहरान ने रविवार सात जूलाई को एलान किया कि वह यूरेनियम के संवर्धन को तीन दश्मलव छह-सात प्रतिशत से आगे ले जाएगा। यह एलान ईरान की ओर से यूरोपीय देशों को दिये गए 60 दिन के समय की समाप्ति पर किया गया। तेहरान का कहना है कि उसने परमाणु समझौते के अनुच्छेद 26 और 36 के अनुसार अपनी परमाणु प्रतिबद्धताओं को कम करने की घोषणा की है। ब्रिटेन के विदेशमंत्री ने परमाणु समझौते के संदर्भ में यूरोप की ओर से दिये गए वचनों का पालन न करने के विषय को अनदेखा करते हुए ईरान पर उल्लंघन का आरोप लगाया है। जेरमी हंट ने ईरान पर उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा है कि लंदन को आशा है कि परमाणु समझौता अपना काम करता रहेगा।ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने ईरान की ओर से 3.67 प्रतिशत से अधिक यूरेनियम का संवर्द्धन को समझौते के विरुद्ध बताया। इसी बीच जर्मनी ने भी ईरान के निर्णय पर चिंता व्यक्त की है। जर्मनी का कहना है कि तेहरान, अपने वचनों के ख़िलाफ़ हर कार्यवाही को रोक दे। उधर फ़्रांस के राष्ट्रपति ने इस फैसले की निंदा करते हुए इसे समझौते का उल्लंघन बताया है। हालांकि इसी बीच फ़्रांस का यह कहना है कि वह एक सप्ताह के दौरान पहले परमाणु समझौते के सभी सदस्यों से विचार विमर्श करेगा।
ज्ञात रहे कि ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रवक्ता ने तेहरान की ओर से जेसीपीओए के अनुच्छेद 26 और 36 के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को कम करने का दूसरा क़दम उठने की बात कहते हुए घोषणा की है कि ईरान ने 3.67 प्रतिशत से अधिक से ग्रेड के युरेनियम संवर्धन की प्रक्रिया आरंभ कर दी है।