ईरान बहुत ही मज़बूती से उठाने जा रहा है तीसरा क़दम
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि अगर यूरोपीय, केवल बातों पर भरोसा करेंगे तो फिर ईरान बहुत ही मज़बूती के साथ तीसरा क़दम उठाएगा।
सैयद अब्बास मूसवी ने स्पष्ट किया है कि परमाणु समझौते में बचे हुए देश विशेषकर यूरोपीय देश अगर इस समझौते के संदर्भ में अपने वचनों को पूरा नहीं करते और केवल भाषणों को ही पर्याप्त समझते हैं तो इस्लामी गणतंत्र ईरान का अगला क़दम बहुत ही ठोस होगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोमवार को तेहरान में संवाददाता सम्मेलन में तेहरान की ओर से अपनी प्रतिबद्धताओं को कम करने के संबन्ध में उठाए गए क़दम के बारे में कहा कि ईरान, अपने राष्ट्रीय हितों के दृष्टिगत ही फैसले करेगा।
अब्बास मूसवी ने जेसीपीओए के बारे में यूरोप की निष्क्रियता तथा वचन पूरे न करना और तेहरान की ओर से अपनी प्रतिबद्धताओं को कम करने के संबन्ध में उठाए गए क़दम के संबन्ध में कहा कि अब ईरान ने जवाबी कार्यवाही आरंभ कर दी है। उन्होंने कहा कि हम पहले ही कह चुके हैं कि परमाणु समझौते से अमरीका के एकपक्षीय रूप से निकल जाने और यूरोप की ओर से इस संबन्ध में निष्क्रिय रहने के बीच कोई संबन्ध नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान को यूरोप की निष्क्रियता पर अपनी प्रतिक्रिया देना का पूरा अधिकार है जो तार्किक भी है और क़ानूनी भी। उन्होंने कहा कि ईरान ने जो भी फैसला किया है वह जेसीपीओए के 26वें और 36वें अनुच्छेद के आधार पर है। सैयद अब्बास मूसवी ने ईरान तथा फ़्रांस के राष्ट्रपतियों की टेलिफोनी वार्ता के बारे में कहा कि किसी भी नई वार्ता की बात नहीं हुई है बल्कि अमरीका के निकल जाने के बाद से अब परमाणु समझौते को उचित ढंग से लागू करने का मुद्दा ही सबसे महत्वपूर्ण है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सऊदी अरब तथा ब्रिटेन की ओर से तेहरान के दो तेल टैंकरों को ज़बरदस्ती रोके जाने के बारे में कहा कि वह तेल टैंकर जो इस समय सऊदी अरब में है उसमें तकनीकी कमी आई थी इसलिए इस बारे में सऊदी अरब से सहायता को कहा गया था। अब यह टैंकर सऊदी अरब की एक बंदरगाह पर है और इस बारे में क़ानूनी कार्यवाही चल रही है। अब्बास मूसवी ने कहा कि जिब्राल्टर स्ट्रैट में ब्रिटेन की नौसेना द्वारा रोके गए ईरानी तेल टैंकर को वापस लाने के बारे में भी वार्ता चल रही है। उन्होंने कहा कि इसी संबन्ध में तेहरान में तैनात ब्रिटेन के राजदूत को दो बार विदेश मंत्रालय तलब किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इस बारे में कुछ यूरोपीय कूटनयिकों से भी बात की गई है।
सैयद अब्बास इराक़ची ने तेहरान में तालेबान प्रतिनिधिमण्डल की उपस्थिति तथा अफ़ग़ानिस्तान की शांति वार्ता में ईरान की भूमिका के बारे में कहा कि क्षेत्र के एक प्रभावी देश के रूप में ईरान, शांति और सुरक्षा का इच्छुक है। उन्होंने कहा कि इसी बात के दृष्टिगत अफ़ग़ानिस्तान सहित वे देश जो इस देश में शांति स्थापित करने में सहायता देना चाहते हैं, हम उनके साथ संपर्क स्थापित कर रहे हैं।