ईरान का बड़ा फ़ैसला, दुनिया में खलबली
परमाणु समझौते पर अमल के लिए यूरोपीय पक्षों को दी जाने वाली साठ दिन की मोहल रविवार सात जुलाई को समाप्त हो गयी जिसके बाद ईरान ने परमाणु समझौते पर अमल के स्तर में कमी का दूसरा चरण शुरु कर दिया।
ईरान के उप विदेशमंत्री और वरिष्ठ परमाणु वार्ताकार सैयद अब्बास इराक़ची ने साठ दिन की मोहलत की समाप्ति पर तेहरान में एक प्रेस कांफ़्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि यूरोपीय देशों ने ईरान से किए गये वादे अब तक पूरे नहीं किए इसीलिए हम परमाणु समझौते पर अमल के स्तर में और अधिक कमी कर रहे हैं।
इस प्रेस कांफ़्रेंस में जिसमें, ईरान सरकार के प्रवक्ता के अतिरिक्त ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रवक्ता बेहरूज़ कमालवंदी भी मौजूद थे, उप विदेशमंत्री और वरिष्ठ परमाणु वार्ताकार सैयद अब्बास इराक़ची ने घोषणा की है कि ईरान अब परमाणु समझौते के उन अनुच्छेदों की प्रतिबद्धता नहीं करेगा जिनमें यूरेनियम के संवर्धन का अनुपात बयान किया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि परमाणु समझौते पर अमल की सतह में कमी की कार्यवाहियां, समझौते को बचाने के उद्देश्य से की जा रही हैं और यदि यूरोपीय देशों ने ईरान के साथ किए गये वचन पूरे नहीं किए तो साठ दिन के बाद ईरान तीसरे चरण की कार्यवाहियों की घोषणा करेगा।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में आईएईए के बोर्ड आफ़ गवर्नर्ज़ की बैठक बुलाए जाने की अमरीकी अपील के बारे में ईरानी अधिकारी का कहना था कि इससे अधिक हास्यास्पद बात और क्या हो सकती है कि परमाणु समझौता छोड़ने वाला देश यह बैठक बुलाने की अपील कर रहा है।
उन्होंने कहा कि यूरोपीय देशों तथा रूस और चीन ने भी अमरीकी अपील पर कोई ध्यान नहीं दिया और इस मामले में अमरीका अकेला रह गया है।
ज्ञात रहे कि परमाणु समझौते के 26 और 36 अनुच्छेद के अंतर्गत परमाणु समझौते के अन्य पक्षों की ओर से अपने वचनों पर अमल न करने और समझौते में वर्णित फ़ायदा प्राप्त न होने की स्थिति में, ईरान को यह हक़ हासिल है कि वह इस समझौते के कुछ भागों पर पूर्ण या आंशिक रूप से अमल रोक सकता है।
आज से ईरान परमाणु समझौते पर अमल के स्तर में कमी का दूसरा चरण शुरु कर रहा है जिसके अंतर्गत तेहरान यूरेनियम संवर्धन की निर्धारित सीमा 3.67 प्रतिशत की कटिबद्धता नहीं करेगा।
ईरान ने अराक के हैवी वॉटर रिएक्टर को भी परमाणु समझौते से पहले वाली स्थिति पर बहाल करने की घोषणा कर दी है। (AK)