यूरोपीय संघ और यूरोपीय ट्राॅइका का ईरान विरोधी बयान
यूरोपीय संघ और ब्रिटेन, फ़्रांस तथा जर्मनी पर आधारित यूरोपीय ट्राॅइका ने एकपक्षीय बयान जारी करके परमाणु समझौते के यूरोपीय पक्षों और अमरीका के उल्लंघनों की ओर कोई इशारा किए बिना ईरान से परमाणु समझौते पर प्रतिबद्ध रहने की मांग की है।
रोइटर्ज़ की रिपोर्ट के अनुसार जर्मनी, फ़्रांस और ब्रिटेन पर आधारित यूरोपीय ट्राॅइका और यूरोपीय संघ ने एक बयान जारी करके परमाणु समझौते पर प्रतिबद्ध रहने की मांग की है।
यूरोपीय संघ और यूरोपीय ट्राॅइका की ओर से जारी बयान में ईरान से अपील की गयी है कि वह यूरेनियम संवर्धन सहित अपनी उन समस्त गतिविधियों को पहली हालत पर लौटाए जो परमाणु समझौते से मेल नहीं खाती है।
यूरोपीय आयोग ने भी एक बयान जारी करके ईरान द्वारा परमाणु समझौते में वर्णित वचनों के स्तर को कम करने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ईरान से अपील की है कि वह परमाणु समझौते को कमज़ोर न करे।
ज्ञात रहे कि परमाणु समझौते पर अमल के लिए यूरोपीय देशों को साठ दिन की मोहलत समाप्त होने के बाद ईरान ने इस समझौते में वर्णित अपने वचनों को कम करने के संबंध में दूसरा क़दम उठाने की घोषणा की थी। ईरान ने 3.67 फ़ीसद से ज़्यादा स्तर के युरेनियम संवर्धन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
तेहरान की ओर से परमाणु समझौते जेसीपीओए के अनुच्छेद 26 और 36 के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को कम करने का दूसरा क़दम उठने के अंतर्गत ईरान ने 3.67 फ़ीसद से ज़्यादा स्तर के युरेनियम संवर्धन की प्रक्रिया शुरु कर दी है।
ईरान की परमाणु ऊर्जा एजेन्सी के प्रवक्ता ने बताया कि संवर्धित यूरेनियम के स्तर को 3.67 प्रतिशत से बढ़ाकर लगभग 4.5 प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि निरीक्षकों ने संवर्धित यूरेनियम के नमूने ले लिए हैं जिनके परिणाम अन्तर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेन्सी आईएईए के हवाले कर दिये जाएंगे। (AK)