जेसीपीओए के बारे में यूरोपीय देश व्यवहारिक क़दम उठाएंः मूसवी
अब्बास मूसवी ने कहा है कि जेसीपीओए के यूरोपीय सदस्यों से हमारा यही कहना है कि वे व्यवहारिक क़दम उठाएं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि परमाणु समझौते के तीन यूरोपीय देशों से ईरान को यह अपेक्षा है कि वे इस अन्तर्राष्ट्रीय समझौते को पूरी तरह से लागू कराने के बारे में प्रभावी, व्यवहारिक और ज़िम्मेदारी वाले क़दम उठाएं। सैयद अब्बास मूसवी ने यह बात जेसीपीओए के संदर्भ में फ़्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन के संयुक्त बयान पर कही है। फ़्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने रविवार की रात एक बयान जारी करके परमाणु समझौते का मौखिक समर्थन किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि जेसीपीओए, ईरान की ओर से पूर्ण रूप से प्रतिबद्धता से जुड़ा हुआ है। इन यूरोपीय देशों ने ईरान से मांग की है कि उन्होंने यूरेनियम संवर्धन के बारे में जो फैसला किया है उसे वह वापस ले।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मूसवी ने सोमवार को तेहरान में कहा कि हम जेसीपीओए के बारे में यूरोपीय देशों के रुख की गहन समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान से आठ मई से पहले की स्थिति में आने की आशा उसी स्थिति में की जानी चाहिए जब सामने वाला पक्ष पूरी ईमानदारी के साथ अपने वचनों का पालन करे। मूसवी ने कहा कि एसा न करने की स्थिति में ईरान से इसकी आशा रखना व्यर्थ है। सैयद अब्बास मूसवी ने कहा कि ईरान को जो वचन दिये गए थे जबतक वे पूरे नहीं होते उस समय तक उससे यह अपेक्षा नहीं रखनी चाहिए कि वह आठ अगस्त से पहले वाली स्थति में वापस आ जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक यूरोपीय पक्ष जेसीपीओए को लागू करने के संबन्ध में अपने वचनों को पूरा करता रहेगा, ईरान ही उसी अनुपात में आगे बढ़ता रहेगा।
ज्ञात रहे कि तेहरान ने यूरोपीय पक्ष को चेतावनी दे रखी है कि अगर उसने अपने वचनों को पूरा नहीं किया तो इस्लामी गणतंत्र ईरान, तीसरे क़दम को अधिक दृढ़ता के साथ उठाएगा।