विदेशमंत्री का काराकास दौरा, ईरान की नज़र में विश्वशांति के उपाय
इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ शनिवार को अपनी न्यूयार्क यात्रा समाप्त करने के बाद गुट निरपेक्ष आंदोलन के मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास पहुंच गये।
उन्होंने शुक्रवार को वॉशिंग्टन से वेनेज़ोएला की राजधानी काराकास रवाना होने से पहले प्रेस कॉन्फ़्रेंस में, अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प की उस अपील पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जिसमें ट्रम्प ने ईरान से युरेनियम संवर्धन स्थगित करने और अमरीका के साथ 100 साल का समझौता करने की बात कही है, कहा कि अमरीका की तेहरान से विशिष्टता पर आधारित मांग का कोई नतीजा नहीं निकलेगा। ईरानी विदेश मंत्री ने अमरीकी राष्ट्रपति के बयान की ओर संकेत करते हुए कहा कि इस तरह के बयान से स्पष्ट होता है कि जेसीपीओए एक तर्कपूर्ण समझौता है।
वेनेज़ुएला की मेज़बानी में गुट निरपेक्ष आंदोलन के मंत्रियों की बैठक अंतर्राष्ट्रीय अधिकारों के सम्मान द्वारा शांति और सुलह स्थापित करने के शीर्षक के अंतर्गत यह बैठक आयोजित हो रही है। वर्तमान समय में वेनेज़ुएला गुट निरपेक्ष आंदोलन का अध्यक्ष है।
वेनेज़ुएला में गुट निरपेक्ष आंदोलन की यह बैठक ऐसी स्थिति में आयोजित हो रही है कि वेनेज़ुएला की सरकार को गिराने के लिए अमरीका ने एड़ी चोटी का ज़ोर लगा दिया किन्तु वेनेज़एुला की सरकार और जनता के कड़े प्रतिरोध की वजह से अमरीका वेनेज़ुएला में अपने किसी भी लक्ष्य को हासिल करने में सफल नहीं हो सका।
यही वजह है कि विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने न्यूयार्क से काराकास रवाना होने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अमरीका जहां भी क़दम रखता है वहां अशांति फैल जाती है। उन्होंने कहा कि मध्यपूर्व, पश्चिमी एशिया और जहां जहां अमरीका ने क़दम रखा वहां के हालात आप देख लें तो पता चल जाएगा कि जहां भी अमरीका ने क़दम रखा वहां अशांति फैल गयी।
बहरहाल गुट निरपेक्ष आंदोलन का गठन वर्ष 1961 में उस समय यूगोस्लाविया की राजधानी बेलग्राड में हुआ जब पूरब और पश्चिम के बीच शीत युद्ध अपने चरम पर था। वर्तमान समय में दुनिया के 120 देश अर्थात संयुक्त राष्ट्र संघ के दो तिहाई सदस्य और दुनिया की 55 प्रतिशत आबादी गुट निरपेक्ष आंदोलन की है और यह बड़ा संगठन विश्व में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। (AK)