फ़िलिस्तीनी जनता की जीत निश्चित हैः इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता
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इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने फ़िलिस्तीनी जनता की जीत को निश्चित बताया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jul २२, २०१९ ११:३६ Asia/Kolkata
  • इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई 22 जुलाई 2019 को तेहरान में हमास के प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात करते हुए
    इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई 22 जुलाई 2019 को तेहरान में हमास के प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात करते हुए

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने फ़िलिस्तीनी जनता की जीत को निश्चित बताया है।

आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने इस बात पर बल देते हुए कि बिना प्रतिरोध और संघर्ष के सफलता नहीं मिलती, कहा कि ईश्वर के अटल वादे के अनुसार, फ़िलिस्तीन का विषय फ़िलिस्तीनी जनता और इस्लामी जगत के हित में अंजाम पाएगा।

सोमवार को फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास के एक उच्च पदस्थ शिष्टमंडल ने तेहरान में इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता से मुलाक़ात की जिसमें उन्होंने फ़िलिस्तीन के मामले को इस्लामी जगत का सबसे अहम मामला बताते हुए कहा कि जिस तरह हमास फ़िलिस्तीन की दिल की धड़कन है, उसी तरह फ़िलिस्तीन इस्लामी जगत के दिल की धड़कन है।

आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने ग़ज़्ज़ा और पश्चिमी तट की जनता के प्रतिरोध व दृढ़ता को जीत की शुभसूचना देने वाला बताते हुए कहा कि फ़िलिस्तीन के विषय पर किसी भी देश के सामने इस्लामी गणतंत्र ईरान का दृष्टिकोण बिलकुल स्पष्ट है, क्योंकि फ़िलिस्तीन का विषय धार्मिक व आस्था से जुड़ा हुआ है।

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि सऊदी अरब जैसे कुछ देशों द्वारा फ़िलिस्तीन के विषय पर अमरीका का पिछलग्गू बनना मूर्खतापूर्ण क़दम था, क्योंकि अगर फ़िलिस्तीन का समर्थन करते तो अमरीका के मुक़ाबले में विशिष्टता ले सकते थे।

उन्होंने "सेन्चरी डील" नामक विश्वासघाती योजना की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस ख़तरनाक साज़िश का लक्ष्य फ़िलिस्तीनी जनता व जवानों के बीच फ़िलिस्तीन की पहचान को ख़त्म करना है, इसलिए इस बात की इजाज़त न दी जाए कि वे पैसों के ज़रिए फ़िलिस्तीन की पहचान को ख़त्म कर दें।

आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने इस बात का उल्लेख किया किस तरह कुछ साल पहले तक फ़िलिस्तीनी पत्थरों से लड़ते थे, लेकिन आज उनके पास बिन्दु को निशाना बनाने वाले मीज़ाईल मौजूद हैं, जिससे प्रगति का एहसास होता है।

हमास के पोलित ब्यूरो के उप प्रमुख सालेह अलआरूरी ने भी इस मुलाक़ात में फ़िलिस्तीनी जनता के प्रति इस्लामी गणतंत्र के समर्थन की सराहना करते हुए कहा कि ईरान के संबंध में किसी भी प्रकार का दुश्मनी भरा क़दम वास्तव में फ़िलिस्तीन और प्रतिरोध के ख़िलाफ़ दुश्मनी भरा क़दम है। (MAQ/N)