इराक़ी प्रधानमंत्री का ईरान दौरा, क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर बल
इराक़ के प्रधानमंत्री आदिल अब्दुल महदी सोमवार की शाम एक उच्च स्तरीय शिष्टमंडल के साथ तेहरान पहुंचे और उन्होंने राष्ट्रपति रूहानी के साथ मुलाक़ात में दोनों देशों के बीच हुए समस्त समझौतों को लागू करने की इच्छा व्यक्त की।
इराक़ी प्रधानमंत्री ने इस मुलाक़ात में विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के संबंधों में विस्तार की आवश्यकता तथा सहयोग में विस्तार पर बल दिया और कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों में विस्तार तथा समस्त समझौतों को लागू करके दोनों देशों के हितों की रक्षा की जा सकती है।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने इराक़ी प्रधानमंत्री से मुलाक़ात के बाद संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में तेहरान और बग़दाद के संबंधों में विस्तार पर बल दिया और दोनों देशों के संबंधों को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि ऐसे समय में कि जब क्षेत्र में शांति और सुरक्षा की स्थिति बेहतर नहीं है और क्षेत्र अस्थिरता का शिकार है, ईरान और इराक़ के बीच बहुपक्षीय संबंधों का विस्तार निश्चित रूप से क्षेत्र में शांति और अस्थिरता की स्थिति को बेहतर बनाने में सकारात्मक भूमिका अदा करेगा।
राष्ट्रपति रूहानी ने इस बात पर बल दिया कि इस्लामी गणतंत्र गणतंत्र ईरान क्षेत्र और दूसरे देशों के साथ तनाव बढ़ाना नहीं चाहता और कदापि क्षेत्र में किसी युद्ध के लिए पहल नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान हमेशा ही फ़ार्स की खाड़ी, हुर्मुज़ स्ट्रेट और ओमान सागर में शिपिंग सुरक्षा का महत्वपूर्ण ज़िम्मेदार है।
राजनैतिक टीकाकार क्षेत्र में बग़दाद की कूटनीति और इराक़ी प्रधानमंत्री के बयान और उनके दृष्टिकोणों को युद्ध और विवादों से दूर रखने की आवश्यकता की परिधि में देख रहे हैं।
इसी बर्ताव की वजह से अमरीका के दबाव के बावजूद बग़दाद ने ईरान विरोधी प्रतिबंधों का विरोध किया है और जैसा कि ईरानी राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी से मुलाक़ात में क्षेत्र में तनाव में वृद्धि के लिए जारी षड्यंत्रों की ओर संकेत करते हुए इराक़ी प्रधानमंत्री ने कहा कि इराक़ कभी भी ईरान के विरुद्ध प्रतिबंधों का न तो भाग है और न ही बनेगा। (AK)