ईरान की सैन्य क्षमताओं से पेंटागोन निरंतर अचंभे में हैः रायुल यौम
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फ़ार्स की खाड़ी में सामने आने वाले ताज़ा सैन्य हालात ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को उजागर कर दिया है और इस पर पेंटागोन के अधिकारी गहरी चिंता में हैं। उनका कहना है कि अगर ईरानी ड्रोन अमरीका के रडारों में पैठ बना सकते हैं तो फिर वे मीज़ाइलों से अमरीका के समुद्री सैन्य जहाज़ों को भी लक्ष्य बना सकते हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jul २३, २०१९ १२:५४ Asia/Kolkata
  • ईरान की सैन्य क्षमताओं से पेंटागोन निरंतर अचंभे में हैः रायुल यौम

फ़ार्स की खाड़ी में सामने आने वाले ताज़ा सैन्य हालात ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को उजागर कर दिया है और इस पर पेंटागोन के अधिकारी गहरी चिंता में हैं। उनका कहना है कि अगर ईरानी ड्रोन अमरीका के रडारों में पैठ बना सकते हैं तो फिर वे मीज़ाइलों से अमरीका के समुद्री सैन्य जहाज़ों को भी लक्ष्य बना सकते हैं।

अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के इस ऐलान को छः दिन बीत चुके हैं कि अमरीकी डिस्ट्राॅयर यूएसएस बाॅक्सर ने एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया है लेकिन उन्होंने अब तक इस संबंध में कोई भी ठोस प्रमाण या ब्योरा पेश नहीं किया है जिससे पता चलता है कि उनका दावा झूठा था। इस संबंध में एक अहम सवाल यह है कि ईरानी ड्रोन किस प्रकार अमरीका के रडारों की नज़रों में आए बिना इस दैत्याकार डिस्ट्राॅयर की फ़िल्म बनाने और चित्र लेने में सफल हो गया? न्यूयाॅर्क टाइम्ज़ और वाॅशिंग्टन पोस्ट जैसे अमरीकी समाचारपत्र तथा न्यूज़ वीक जैसी पत्रिकाएं निरंतर ट्रम्प पर झूठ बोलने और निराधार दावे करने का आरोप लगा रही हैं लेकिन किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि वे फ़ार्स की खाड़ी में ईरानी ड्रोन को मार गिराने जैसा झूठ बोलेंगे क्योंकि यह चीज़ अमरीका सेना की हैसियत से जुड़ी हुई है।

 

ट्रम्प ने दावा किया कि ईरानी ड्रोन को मार गिराया गया है। इस संबंध में विचित्र बात पेंटागोन का मौन और इस संबंध में रडार डेटा देने से आनाकानी करना है। अब तक ईरानी ड्रोन को मार गिराने यहां तक कि उसके मलबे के बारे में भी कोई सूचना नहीं दी गई है। दूसरी ओर इस्लामी क्रांति संरक्षक बल आईआरजीसी ने औपचारिक रूप से बयान जारी करके ट्रम्प के इस दावे को ख़ारिज कर दिया और फिर ड्रोन द्वारा लिए गए अमरीकी डिस्ट्राॅयर के चित्र जारी करके उनके दावे को पूरी तरह से झूठा सिद्ध कर दिया।

 

एक अन्य बात यह है कि ईरान ने किस प्रकार फ़ार्स की खाड़ी में बाॅक्सर डिस्ट्राॅयर के चित्र और फ़िल्म जारी करके ट्रम्प के दावे का जवाब दिया है। अमरीका के एयर क्राफ़्ट कैरियर और बाॅक्सर जैसे डिस्ट्राॅयर अत्यंत विकसित आक्रामक व प्रतिरक्षात्मक तकनीकों से संपन्न हैं और अपने निकट आने वाले हर विमान, ड्रोन और मीज़ाइल को तबाह कर देते हैं। सैन्य विशेषज्ञों की चिंता का विषय बनने वाले आश्चर्यजनक बात यह है कि ईरान किस प्रकार ऐसे ड्रोन बनाने में सफल हो गया है जो अमरीकी रडारों को चकमा देने और डिस्ट्राॅयरों व युद्धक जहाज़ों की फ़िल्म बनाने में सक्षम हैं? यह पहली बार नहीं है बल्कि कई साल से ऐसा होता आ रहा है। पेंटागोन झुठलाता है और ईरान ड्रोन के माध्यम से ली गई फ़िल्म जारी कर देता है।

 

निश्चित रूप से पेंटागोन के अधिकारी गहरी चिंता में हैं क्योंकि उन्हें पता है कि अगर कोई ड्रोन अमरीका के रडारों को चकमा दे सकता है तो फिर वह मीज़ाइलों से अमरीका के समुद्री सैन्य जहाज़ों को भी निशाना बना सकता है। पिछले एक महीने में ईरान की सैन्य क्षमताओं से पेंटागन निरंतर अचंभे में है। ईरान के एयर डिफ़ेंस ने अमरीका के विकसित ग्लोबल हाॅक ड्रोन को मार गिराया और साथ ही पोसीडन-8 सैन्य विमान को, जिसमें रडारों की नज़रों से बचने की भरपूर क्षमता है, निशाने पर ले लिया था लेकिन मारा नहीं था। अब उससे भी बड़े आश्चर्य की बात यह है कि ईरान के ड्रोन ने बाॅक्सर डिस्ट्राॅयर के ऊपर उड़ान भरी और अमरीका के रडार उसे देख नहीं पाए। इसका सीधा सीधा अर्थ यही है कि ज़रूरत पड़ने पर ईरान, समुद्री सैन्य जहाज़ों पर भी हमला कर सकता है। (HN)

(साभारः रायुल यौम)