तनाव का मुख्य कारण विदेशी सैनिकों की उपस्थिति हैः राष्ट्रपति रूहानी
ओमान के विदेशमंत्री यूसुफ़ बिन अलवी ने भी ईरान और ओमान के संबंधों को मैत्रीपूर्ण बताया और कहा कि ईरान की उपस्थिति के बिना क्षेत्र की सुरक्षा को स्थाई व टिकाऊ नहीं बनाया जा सकता।
राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने बल देकर कहा है कि विदेशी सैनिकों की उपस्थिति से न केवल क्षेत्र की सुरक्षा में कोई सहायता नहीं मिल रही है बल्कि वह तनाव का मुख्य कारण है।
राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने आज तेहरान में ओमान के विदेशमंत्री यूसुफ़ बिन अलवी से भेंट में कहा कि हुर्मुज़ स्ट्रेट की सुरक्षा की असली ज़िम्मेदारी ईरान और ओमान की है और ईरान सदैव प्रयास करता है ताकि ओमान सागर, हुर्मुज़ स्ट्रेट और फार्स की खाड़ी जहाज़रानी के लिए सुरक्षित मार्ग रहे।
राष्ट्रपति ने सीरिया के पुनरनिर्माण, सीरियाई शरणार्थियों की स्वदेश वापसी और यमन के निर्दोष लोगों की हत्या बंद किये जाने को क्षेत्र का महत्वपूर्ण विषय बताया और कहा कि ज़ायोनी शासन का अतिक्रमण,फ़िलिस्तीनी जनता की हत्या, उसे बेघर करना और उसके घरों को ध्वस्त करना ज़ायोनी शासन का सुनियोजित व ख़तरनाक कार्यक्रम है।
उन्होंने कहा कि ईरान ने न तो कभी तनाव का आरंभ किया है और न करेगा और आज क्षेत्र में तनाव की जड़ परमाणु समझौते से अमेरिका का एकपक्षीय ढंग से निकल जाना है।
राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने इसी प्रकार जिब्राल्टर स्ट्रेट में ब्रिटेन द्वारा ईरानी तेल टैंकर को रोके जाने को ग़ैर कानूनी कार्य बताया और बल देकर कहा कि ईरान पूरी शक्ति के साथ हर उस ताकत के सामने डटा रहेगा जो फार्स की खाड़ी, हुर्मुज़ स्ट्रेट और ओमान सागर की सुरक्षा को ख़तरे में डालेगी।
इस भेंट में ओमान के विदेशमंत्री यूसुफ़ बिन अलवी ने भी ईरान और ओमान के संबंधों को मैत्रीपूर्ण बताया और कहा कि आज क्षेत्र कृत्रिम संकटों से गुज़र रहा है और इस बात में कोई संदेह नहीं है कि ईरान की उपस्थिति के बिना क्षेत्र की सुरक्षा को स्थाई व टिकाऊ नहीं बनाया जा सकता। MM