बहरैनी युवाओं की शहादत पर वरिष्ठ नेता ने जताया खेद
बहरैन के आले ख़लीफ़ा शासन के हाथों दो बहरैनी युवाओं की शहादत पर वरिष्ठ नेता ने खेद जताया है।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के ट्विटर हैंडल से यह ट्वीट किया गया है कि बहरैन के आले ख़लीफ़ा शासन के हाथों दो बहरैनी युवाओं की शहादत बहुत ही दुखद है। आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने आले ख़लीफ़ा शासन के हाथों बहरैन के दो युवाओं की शहादत पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि अत्याचार अधिक दिनों तक नहीं चलता। वरिष्ठ नेता ने कहा कि न्याय की इच्छा रखने वाले राष्ट्र ही अंततः सफल होकर रहेंगे। आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई इससे पहले भी आले ख़लीफ़ा शासन के अत्याचारों की निंदा कर चुके हैं।
ज्ञात रहे कि आले ख़लीफ़ा शासन ने अपने विरोधियों का दमन करने की नीति के अन्तर्गत शनिवार को बहरैन के दो युवाओं को यातनाएं देने के बाद फांसी देदी। जिन बहरैनी युवाओं को फांसी दी गई है उनमें से एक 24 वर्षीय "अहमद अलमलाली" है जबकि दूसरा 25 वर्षीय "अली अलअरब" है।