ज़ायोनी शासन के अजेय होने की हवा निकल गयीः शमख़ानी
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ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव ने कहा है कि लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध ने 33 दिवसीय युद्ध के दौरान इस्राईली सेना के अजेय होने की हवा निकाल दी।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Aug ०८, २०१९ १८:३८ Asia/Kolkata
  • ज़ायोनी शासन के अजेय होने की हवा निकल गयीः शमख़ानी

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव ने कहा है कि लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध ने 33 दिवसीय युद्ध के दौरान इस्राईली सेना के अजेय होने की हवा निकाल दी।

अली शमख़ानी ने गुरुवार को 33 दिवसीय युद्ध में इस्लामी प्रतिरोध की विजय की वर्षगांठ के अवसर पर अपने संदेश में लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह को संबोधित करते हुए कहा कि आज लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध ने भी प्रतिरोध के मोर्चे के साथ मिलकर बलिदान और शहीदों को पेश करके दुनिया को तकफ़ीरी आतंकवाद के ख़तरे से मुक्ति दिला दी।

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव ने कहा है कि ज़ायोनी शासन को यह जान लेना चाहिए कि प्रतिरोध का मोर्चा हमेशा तेज़ निगाहों से उसकी शैतानी चालों और उदंडता पर नज़र रखते हुए और विभिन्न मोर्चों पर उसे फिर पराजय का स्वाद चखाएगा। 

श्री अली शमख़ानी ने सैयद हसन नसरुल्लाह की सच्चाई, साहस और दूरदर्शिता तथा लेबनान के भीतर राष्ट्रीय एकता पैदा करने और सीमाओं पर शांति और सुरक्षा की स्थापना में उनकी भूमिका की ओर संकेत करते हुए कहा कि जैसा कि इस्लामी क्रांति क वरिष्ठ नेता ने कहा है कि ज़ायोनी शासन अगले 25 साल में समाप्त हो जाएगा और शीघ्र ही हम फ़िलिस्तीन की स्वतंत्रता देखेंगे।

ज्ञात रहे कि ज़ायोनी शासन और हिज़्बुल्लाह के बीच 33 दिवसीय युद्ध जुलाई 2006 में शुरु हुई थी तथा 14 अगस्त को हिज़्बुल्लाह की विजय के साथ यह युद्ध समाप्त हो गया था। इस युद्ध में ज़ायोनी शासन को बहुत अधिक नुक़सान हुआ और वह फ़रार होने पर मजबूर हो गया। (AK)