38वें सेना दिवस के कार्यक्रम आरंभ
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राष्ट्रपति हसन रूहानी की उपस्थिति में रविवार को ईरान के सेना दिवस के कार्यक्रम आरंभ हुए।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Apr १७, २०१६ ०७:१६ Asia/Kolkata
  • 38वें सेना दिवस के कार्यक्रम आरंभ

राष्ट्रपति हसन रूहानी की उपस्थिति में रविवार को ईरान के सेना दिवस के कार्यक्रम आरंभ हुए।

यह कार्यक्रम इस्लामी गणतंत्र ईरान के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी के मज़ार के निकट आयोजित किये गए।

राजधानी तेहरान में सेना दिवस के कार्यक्रमों के उद्घाटन समारोह में रक्षामंत्री सहित सेना के सभी अंगों के वरिष्ठ कमांडर उपस्थित थे। रविवार को आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के प्रतिनिधि ने भी भाग लिया।

इस्लामी गणतंत्र ईरान के सेना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ईरान में उपस्थित विदेशी प्रतिनिधि भी मौजूद थे। इस अवसर पर राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि देश की सेना पूरे राष्ट्र से संबन्धित है। उन्होंने कहा कि ईरान की सेना हर उस अतिक्रमणकारी के हाथ काट देगी जो ईरानी राष्ट्र के हितों को क्षति पहुंचाएगा।

इस समारोह में राष्ट्रपति रूहानी, रक्षा मंत्री हुसैन दहक़ान और ईरानी सेना के अनेक उच्च कमान्डर उपस्थित हुए।

ईरान की सशस्त्र सेनाओं के जनरल हेडक्वार्टर के प्रमुख जनरल फ़ीरोज़ाबादी, सेना के कमान्डर इन चीफ़ जनरल अताउल्ला सालेही, थल सेना के कमान्डर जनरल पूरदस्तान सहित अनेक उच्च सैन्य अधिकारी उपस्थित थे। इसी प्रकार शहीदों के परिजन भी इस समारोह में शामिल हुए।

इस्लामी गणतंत्र ईरान की सेना की 38वीं वर्षगांठ के समारोह को राष्ट्रपति ने संबोधित करते हुए कहा कि सेना पूरे देश की है। उन्होंने कहा सेना का किसी गुट, जाति और न ही किसी धड़े से कोई लेना-देना है, बल्कि सेना, इस्लामी व्यवस्था और ईरानी राष्ट्र की है।


राष्ट्रपति रुहानी ने कहा कि इस्लामी ईरान के सशस्त्र बल, इस महान राष्ट्र के हितों से खिलवाड़ करने वाले हर अतिक्रमणकारी का हाथ काट डालेंगे।

उन्होंने देश को एकजुट बताते हुए बल दिया, “हम उस मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं जिसकी उपलब्धियों से राष्ट्रीय हितों व प्रभुत्व की रक्षा होगी। जैसा कि हमारे सशस्त्र बल ने पवित्र प्रतिरक्षा के 8 साल में ईरानी राष्ट्र के अधिकारों की भलिभांति रक्षा की। हमारे कूटनयिक वार्ता के मंच पर दुनिया के शक्तिशाली देशों के सामने पूरी शान, ईमान, प्रभुत्व के साथ उपस्थित हुए और उनमें वीरता व धर्मपरायणता जैसी विशेषता है जिसका वरिष्ठ नेता ने उल्लेख किया है।”

इस्लामी क्रानति के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी रहमतुल्लाह अलैह ने इस्लामी क्रान्ति की अकांक्षाओं के प्रति सैनिकों की निष्ठा के जवाब में ईरान में ईरानी वर्ष के पहले महीने फ़रवरदीन की 29 तारीख़ को सैन्य दिवस घोषित किया था।