फ़ार्स की खाड़ी की सुरक्षा को विभाजित नहीं किया जा सकताः ज़रीफ़
विदेश मंत्री ने कहा है कि फ़ार्स की खाड़ी की सुरक्षा को विभाजित नहीं किया जा सकता है।
मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने कुवैत के अर्राय समाचारपत्र में प्रकाशित होने वाले अपने एक लेख में "हुर्मुज़ शांति पहल" का ब्योरा देते हुए लिखा है कि फ़ार्स की खाड़ी में सुरक्षा को अलग-अलग बांट नहीं जा सकता और या तो इस क्षेत्र में सभी को सुरक्षा हासिल होगी या फिर सभी उससे वंचित रहेंगे। उन्होंने लिखा है कि यह क्षेत्र ऊर्जा व अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में रणनैतिक महत्व रखता है और अंतर्राष्ट्रीय मंडियों तक पहुंच को सुनिश्चित बनाने के लिए क्षेत्र के देशों के लिए सुरक्षा व स्थिरता ऐसी ज़रूरत है जिसका कोई भी इन्कार नहीं कर सकता। ज़रीफ़ ने लिखा है कि सदियों से क्षेत्र की सुरक्षा, क्षेत्रीय देश की सुनिश्चित बनाते आए हैं और यह काम आपसी सहयोग के बिना संभव नहीं है।
विदेश मंत्री ने इस कुवैती अख़बार में छपे अपने लेख में कुछ क्षेत्रीय देशों द्वारा बड़ी शक्तियों से बड़ी संख्या में हथियार ख़रीदने और इसी तरह उनसे सैन्य समझौते किए जाने की तरफ़ इशारा करते हुए लिखा है कि बाहरी शक्तियों से हथियार ख़रीद कर या उनसे सैन्य समझौते करके, जिन्होंने अपने निरंतर हस्तक्षेप और ज़ायोनी शासन के समर्थन के माध्यम से क्षेत्र की सुरक्षा को सबसे अधिक ख़तरे में डाला है, सुरक्षा हासिल नहीं की जा सकती। मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने फ़ार्स की खाड़ी के तटवर्ती देशों को संबोधित करते हुए लिखा है कि जनता के सहारे, राष्ट्रीय क्षमताओं पर भरोसे और क्षेत्र के अन्य देशों के साथ अच्छे पड़ोसियों के संबंधों को मज़बूत बना कर सुरक्षा हासिल की जा सकती है। (HN)