ईरान, उपद्रव के दिल दहला देने वाली मालूमात!!!
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आईआरजीसी के कमान्डर ने कहा है कि उपद्रवियों ने छोटी पिस्तौल से बहुत से लोगों के पेट में एक या आधे मीटर की दूरी से गोली मारी और उनको मौत के घाट उतार दिया।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Nov २४, २०१९ १५:५५ Asia/Kolkata
  • ईरान, उपद्रव के दिल दहला देने वाली मालूमात!!!

आईआरजीसी के कमान्डर ने कहा है कि उपद्रवियों ने छोटी पिस्तौल से बहुत से लोगों के पेट में एक या आधे मीटर की दूरी से गोली मारी और उनको मौत के घाट उतार दिया।

इस्ना की रिपोर्ट के अनुसार जनरल अली फ़ेदवी ने स्वयं सेवी महिलाओं के कार्यक्रम में सार्वजनिक स्थलों और निजी स्थानों को नुक़सान पहुंचाने के लिए उपद्रवियों की कार्यवाहियों के बारे में कहा कि पहले तो जनता को आपत्ति थी और यह उनका अधिकार है और उन्हें यह करना भी चाहिए।

उनका कहना था कि जनता को बारह बजकर एक मिनट पर पता चला कि पेट्रोल मंहगा हो गया है। वह कहते हैं कि पवित्र क़ुरआन में आया है कि लोगों की संपत्ति से निकट न हो.... सही है कि पेट्रोल मंहगा हो गया था और स्पष्ट सी बात है कि जनता को पेट्रोल की मंहगाई को लेकर एतेराज़ करने का पूरा पूरा हक़ है।

जरनल फ़दवी का कहना था कि यदि विरोध प्रदर्शन स्वभाविक रूप से जारी रहते तो निश्चित रूप से प्रदर्शनों को जारी रखना अच्छा होता कुछ एक मुट्ठीभर उपद्रवी घुस पड़े और उन्होंने जनता के विरुद्ध ही काम करना शुरु कर दिया, इन्हीं लोगों की वजह से जनता का हक़ प्रदर्शन जारी नहीं रह सका। बैंक और पेट्रोल पम्प सरकारी संपत्ति होती है, माल, कारख़ाने और घर लोगों के होते हैं जिन्हें जला दिया गया और बर्बाद कर दिया गा।

आईआरजीसी समस्त लोगों साथ सीधे संपर्क में थी, लोगों की वीडियो बनाई और बाद में उनकी पहचान हुई, अपराधियों को अवश्य गिरफ़्तार किया जाएगा, उन लोगों को जिन्होंने जनता की संपत्ति को नुक़सान पहुंचाया है, उसकी भरपाई करनी चाहिए।

आईआरजीसी के कमान्डर ने कहा कि पहले तो जनता का प्रदर्शन था। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात पैदा किए जाएं ताकि जनता क़ानूनी ढंग से अपनी वैध मांगों को लोगों तक पहुंचा सके ताकि मुट्ठीभर उपद्रवी लोगों की संपत्ति को नुक़सान न पहुंचा सकें और अपराध न कर सकें। सरकारी डाक्टरों ने भी निश्चित रूप से रिपोर्ट दी कि बहुत से लोगों को एक या आधे मीटर की दूरी से पेट में गोली मारी गयी, यानी उन्होंने छोटी पिस्तौल से गोली मारी गयी।

जनरल फ़दवी ने कहा कि आईआरजीसी का उपद्रवियों के समर्थकों के लिए यह संदेश है कि 40 साल से अमरीका इस्लामी क्रांति के विरुद्ध शत्रुता कर रहा है किन्तु उन्होंने स्वयं देख लिया कि 48 घंटे के भीतर ही उनके षड्यंत्र विफल हो गये। उनके लिए हमारा यही संदेश है जो 40 साल पहले था।

उन्होंने फ़्रांस के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपके देश में 11 महीने से प्रदर्शन हो रहे हैं और प्रदर्शन करने वाले केवल फ़्रांसीसी नागरिक हैं, कोई देश उनका समर्थक नहीं है, एक भी प्रदर्शनकारी ने पुलिस पर हमले का साहस नहीं किया, एक बार भी रेड लाइन पार नहीं की, क्या मूर्खता कर दी कि ईरान में उपद्रव का बचाव कर रहे हैं? आप जनता की मांगें अब तक पूरी नहीं कर सके और प्रदर्शनों पर रोक नहीं लगा सके, लेकिन हमने उन दंगों को जिन्हें अमरीका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ़्रांस और सऊदी अरब का हस्तक्षेप था, 48 घंटे के अंदर रोकथाम कर ली। यह देश स्वयं ही इस बात के दावेदार है कि उपद्रवों में उनका हाथ है, हमारे पास भी पक्के सबूत हैं। ईरान के उपद्रवों में कुछ पड़ोसी मुस्लिम देशों ने भी अपनी शैतानी का प्रदर्शन किया और पड़ोसी की पीठ में छुरा घोंपा।  (AK)