इस बार ट्रम्प का ज़रीफ़ को No Thanks!
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ के सशर्त वार्ता की पेशकश के जवाब में शनिवार को देर गए ट्वीट कियाः No Thanks!
ज़रीफ़ ने जर्मन पत्रिका डेर स्शीपगल को इंटरव्यू देते कहा था कि ईरान, अमरीका से वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन वाशिंगटन को पहले तेहरान के ख़िलाफ़ आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना होगा।
ट्रम्प ने ज़रीफ़ के इस प्रस्ताव के जवाब में ट्वीट कियाः ईरानी विदेश मंत्री का कहना है कि ईरान अमरीका से वार्ता करना चाहता है, लेकिन वह चाहता है कि प्रतिबंध हटा लिए जाएं। नहीं, शुक्रिया।
.@realdonaldtrump is better advised to base his foreign policy comments & decisions on facts, rather than @FoxNews headlines or his Farsi translators
— Javad Zarif (@JZarif) January 26, 2020
To be better informed, he can read my entire interview (in English) https://t.co/eZR8NzuWXV
Too many words? Then just read this: pic.twitter.com/URkbUll49P
इस सवाल के जवाब में कि ईरान के लोकप्रिय कमांडर जनरल क़ासिम सुलेमानी की हत्या के बाद भी क्या अमरीका से वार्ता की संभावना है? ज़रीफ़ ने कहाः नहीं, मैं किसी भी हालत में वार्ता की संभावना को ख़ारिज नहीं करूंगा। लोग अपने दृष्टिकोण को बदल सकते हैं और सच्चाई को स्वीकार कर सकते हैं। हमारे लिए यह महत्वपूर्ण नहीं है कि व्हाइट हाउस में कौन है, बल्कि महत्वपूर्ण उसका व्यवहार है। ट्रम्प प्रशासन अपने अतीत में सुधार कर सकता है, वह प्रतिबंधों को हटा ले और वार्ता की टेबल पर वापस लौट आए। हम अभी भी वार्ता की टेबल पर ही हैं। वे वार्ता की टेबल से उठकर चले गए हैं। अमरीका ने ईरानी जनता को बहुत बड़ा नुक़सान पहुंचाया है। एक दिन ऐसा आएगा कि वे इस नुक़सान की भरपाई के लिए मजबूर हो जायेंगे, हम काफ़ी सब्र कर सकते हैं।
ईरानी विदेश मंत्री ने ट्रम्प के इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अमरीकी राष्ट्रपति को चाहिए कि वह अपनी विदेश नीति का आधार फ़ॉक्स न्यूज़ टीवी चैनल की हेडलाइन के बजाए सच्चाई को बनाएं।
रविवार को ज़रीफ़ ने ट्वीट करके कहाः ट्रम्प को चाहिए कि वह अपनी विदेश नीति पर कोई कमेंट या फ़ैसले के लिए फ़ॉक्स न्यूज़ की सुर्ख़ियों या उसके फ़ार्सी अनुवाद को आधार बनाने के बजाए वास्तविकता को मद्देनज़र रखें। msm