अमरीका के अत्याचारपूर्ण प्रतिबंध, जनता के विरुद्ध आतंकवादी कार्यवाहियां हैंः रूहानी
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने तेहरान में तैनात विदेशी संगठनों और प्रतिनिधि कार्यालय के राजदूतों और प्रमुखों से मुलाक़ात में तेहरान के विरुद्ध वाशिंग्टन के प्रतिबंधों को अमानवीय तथा ईरानी जनता के विरुद्ध आतंकवादी और अपराधिक कार्यवाही क़रार दिया।
डाक्टर हसन रूहानी ने सोमवार को इस्लामी क्रांति की 41वीं वर्षगांठ के अवसर पर होने वाली इस विशेष मुलाक़ात में कहा कि जो लोग ईरानी संस्कृति, इतिहास और सभ्यता से परिचित हैं, वे जानते हैं कि ईरानी जनता ज़ोरज़बरदस्ती करने वालों, गुंडागर्दी करने वालों, ग़लत बातें करने वालों और दबाव डालने वालों के मुक़ाबले में कभी भी नहीं झुकी।
डाक्टर हसन रूहानी ने पिछले दो वर्षों के दौरान ईरान के विरुद्ध अमरीका के प्रतिबंधों और दबावों में वृद्धि की ओर संकेत करते हुए कहा कि पिछले आठ वर्षों में समस्त आर्थिक मापदंडों, गिरावट और पूंजीनिवेश के आंकड़े, ईरानी जनता के विरुद्ध अमरीकी षड्यंत्रों की विफलता को दर्शाते हैं।
राष्ट्रपति रूहानी ने इसी प्रकार यह बयान करते हुए कि क़ुद्स ब्रिगेड के कमान्डर जनरल क़ासिम सुलैमानी क्षेत्र में शांति और स्थिरता के प्रयास में थे, कहा कि वाइट हाऊस क्षेत्र में जो कुछ अंजाम दे रहा है वह क्षेत्रीय राष्ट्रों के हितों के विरुद्ध, क्षेत्रीय स्थिरता, वाशिंग्टन और अमरीकी जनता के हितों के विरुद्ध है।
राष्ट्रपति रूहानी ने यह बयान करते हुए कि ईरान की सैन्य क्षमता कभी भी किसी भी देश पर हमले के लिए प्रयोग नहीं हुई, कहा कि युद्ध और हमलों को समाप्त करना, आतंकवाद और प्रतिबंधों का समर्थन समाप्त करना तथा मिलजुलकर जीवन व्यतीत करना, इस्लामी क्रांति के संदेश हैं।